रचनाकार

तांका की महक (समीक्षा) // डॉ. सुरेन्द्र वर्मा

``तांका की महक” (तांका संकलन) सम्पादक, प्रदीप कुमार दाश ‘दीपक’ अयन प्रकाशन, नई दिल्ली २०१८ मूल्य, रु.५००/-केवल पृष्ठ सं.२३८ डा. सुरेन्द...

कर्मयोगी // लघुकथा // धर्मेन्द्र कुमार त्रिपाठी

प्रोफेसर प्यारेलाल आवारा। यह असल नाम नहीं था उनका। लॉज में रहने वाले कुछ हितैषी मित्रों ने उनका यह नाम रख दिया था। प्रोफेसर साहब लॉज में रह...

दादाजी का चश्मा (लघु कथा ) // सुशील शर्मा

"बिट्टो मेरा चश्मा कहाँ है " दादाजी ने जोर से आवाज़ लगाई "पता नहीं दादाजी " बिट्टो ने दादाजी का चश्मा अपनी अलमारी में छुप...

मुक्तिबोध की कविताः ‘अँधेरे में’, भाष्यालोचन-7 // शेषनाथ प्रसाद श्रीवास्तव.

मुक्तिबोध की कविताः ‘ अँधेरे में ’ , भाष्यालोचन-7 पूर्व प्रसंगः आतताइयों के हाथों पकड़ा जाकर काव्य-नायक कवि उनसे कड़ी सजा तो पाता है पर वह अ...

संस्मरण // भारत में आम चुनाव // नौकरिया ना छूटे रामा चाहे जान जाए // बिनय कुमार शुक्ल

कुछ दिनों पहले स्थानांतरित होकर गुजरात से कलकत्ता आया। आते ही यहाँ चुनावी माहौल का नजारा मिला। कार्यालय के अधिकांश कार्मिक किसी न किसी क्षेत...

सुनीता उपाध्याय"असीम" की काव्य रचनाएँ

       (1) है नहीं तब सजा जिन्दगी। जब हुई आशना जिन्दगी। **** सब खुशी मिल गई तब उसे। हो गई जब फिदा जिन्दगी। **** रुठकर यूँ चले हो ......

श्रद्धांजलि // बालकवि का अचानक, यूं ही चले जाना ........ // गोवर्धन यादव

( 10 फ़रवरी 1931 : 13-मई-2018) बालकवि का अचानक, यूं ही चले जाना ........ बाककवि बैरागी जी का अचानक यूं ही चले जाना माने एक युग का अवसान हो ज...

रचनाकार एंड्रायड ऐप 5000 + इंस्टाल

हिंदी साहित्य के प्रचार प्रसार को समर्पित किसी साइट के एंड्रायड ऐप के इंस्टाल के इस संख्या (पूरे पांच हजार से ऊपर ) पर पहुँचने पर बधाई तो बन...

ज़ंज़ीबार की लोक कथाएँ // डाक्टर का बेटा और साँपों का राजा // सुषमा गुप्ता

देश विदेश की लोक कथाएँ — पूर्वी अफ्रीका–ज़ंज़ीबार : ज़ंज़ीबार की लोक कथाएँ संकलनकर्ता सुषमा गुप्ता 10 डाक्टर का बेटा और साँपों का राजा [1] एक बा...