शुक्रवार, 19 जनवरी 2018

संस्मरण लेखन पुरस्कार आयोजन - प्रविष्टि क्र. 10 - रिश्तों की मजबूत डोर // रामानुज श्रीवास्तव 'अनुज'

प्रविष्टि क्र. 10 रिश्तों की मजबूत डोर रामानुज श्रीवास्तव 'अनुज' जाने क्यूँ ये दरोदीवार जाने पहचाने से लगते हैं, जबकि मैं ऋतु के घर ...

संस्मरण लेखन पुरस्कार आयोजन - प्रविष्टि क्र. 9 - कैसे मोक्ष हो यहां....! // वंदना अवस्थी दुबे

प्रविष्टि क्र. 9 कैसे मोक्ष हो यहां....! वंदना अवस्थी दुबे कई सालों से अम्मा का मन था कि हम दोनों “गया” जायें और पापा का पिंडदान करके आयें. ...

हिन्दी भाषा का दुनिया में बढ़ता वजूद // चन्द्रशेखर

वर्तमान समय में हिन्दी साहित्य को जानना और समझना इसलिए आवश्यक है ताकि हिन्दी भाषा की दशा और दिशा का पता चल सके और हम सब एक लक्ष्य की ओर पहुं...

बुधवार, 17 जनवरी 2018

26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर विशेष आलेख // गर्व से सिर उठाने का दिन // देश के जयघोष का पर्व है - गणतंत्र दिवस // डॉ. सूर्यकांत मिश्रा

26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर विशेष गर्व से सिर उठाने का दिन ० देश के जयघोष का पर्व है -गणतंत्र दिवस भारतीय गणतंत्र पर्व यानी गर्व से सिर उठाने ...

संस्मरण लेखन पुरस्कार आयोजन - प्रविष्टि क्र. 8 // पानी रे पानी... // शशि रायजादा (लखनऊ)

प्रविष्टि क्र. 8 पानी रे पानी... शशि रायजादा (लखनऊ) दोपहर के चार बजे थे। स्कूल से आ कर थक कर मैं सोई ही थी कि घंटी बजने की आवाज़ से उठना प...

मंगलवार, 16 जनवरी 2018

संस्मरण: दिल्ली यात्रा // दिल की डोर और पुस्तक मेले की पतंग // डॉ.अर्पण जैन 'अविचल'

संस्मरण: दिल्ली यात्रा दिल की डोर और पुस्तक मेले की पतंग डॉ.अर्पण जैन ' अविचल ' मथुरा से फरीदाबाद और फिर हजरत निजामुद्दीन होते हुए न...

लघुकथा // जीवन-संघर्ष // योगेश किनकर

जिंदगी चलने का नाम है, ढेर-सा प्यार तो कभी गम हजार। लेकिन इस सब के बीच जिसने सामंजस्य बिठा लिया समझो उसने जिंदगी का अहम अध्याय सीख लिया। और ...