रचनाकार

25 हजार + रुपए के रचनाकार.ऑर्ग संस्मरण लेखन पुरस्कार आयोजन 2018 के लिए प्रविष्टियाँ आमंत्रित

अद्यतन # 1 - पुरस्कारों में इजाफ़ा - प्रज्ञा प्रकाशन की तरफ से पुस्तकें पुरस्कार स्वरूप दी जाएंगी. विवरण जल्द ही. अद्यतन # 2    - चुनिं...

राजेन्द्र कुमार के काव्य संग्रह - 'लोहा-लक्कड़' में सामाजिक संवेदनाओं का स्वरूप // धनञ्जय द्विवेदी

शोध-आलेख 1990 के दशक में सम्पूर्ण संसार अनेक सकारात्मक और नकारात्मक परिवर्तनों का संवाहक बना था। भारतीय समाज भी उससे अछूता न रहा। देखा जाये ...

संस्मरण लेखन पुरस्कार आयोजन - प्रविष्टि क्र. 38 : मिल गये पंख // त्रिवेणी तुरकर

प्रविष्टि क्र. 38 मिल गये पंख त्रिवेणी तुरकर बचपन से ही उड़ने का स्वप्न देखने वाली मैं अपने जीवन के संध्याकाल में इस स्वप्न को पूर्ण होते देख...

संस्मरण लेखन पुरस्कार आयोजन - प्रविष्टि क्र. 37 : यात्रा रामगढ़ (तल्ला) मीराकुटीर // धनञ्जय द्विवेदी

प्रविष्टि क्र.  37 *यात्रा रामगढ़  (तल्ला) मीराकुटीर* धनञ्जय द्विवेदी यात्रा छोटी हो या बड़ी यात्रा होती है ; किन्तु जब यात्रा निश्चित लक्ष्...

समीक्षा - ज़िन्दगी से छूता सफ़र

" जिन्दगी के सफ़र का दस्तावेज " कवि अवतार सिंह बहार का जन्म तो अमृतसर, पंजाब में हुआ लेकिन कुछ वर्षों बाद वे अपने परिवार के साथ लख...

संस्मरण लेखन पुरस्कार आयोजन - प्रविष्टि क्र. 36 : एक शहंशाह ने बनवाया हसीं ताज महल // ॥ कामिनी कामायनी ॥

प्रविष्टि क्र. 36 : [ताज महोत्सव 18 -27 फरवरी , पर विशेष रूप से]    एक शहंशाह ने बनवाया  हसीं ताज महल । डॉ. कामिनी कामायनी मुगल कालीन स्थाप...

डॉ मधु त्रिवेदी की लघुकथाएँ

टैम्पोवाली ----------------------------              सुबह का अलार्म जो बजता है उसके साथ ही दिन भर का एक टाइम टेबल उसकी आँखों के सामने से गुज...

धनञ्जय द्विवेदी की कविताएँ

1.. मैं जाता हूँ ....... भूल गये हो क्या तुम, कहना फिर आना | तुमने तो देखा होगा घन का मंडराना || फिर टिप-टिप करती, बूंदों का गिरना |...

आत्माराम यादव पीव की कविताएँ

मुझको हँसना आता नहीं है मुझको हँसना आता नहीं है दुख में बीता सारा बचपन, जीवन मुझको भाता नहीं है। मुझको हँसना-- - - - छिछलेपन पर हँसने मे...

रंग पर्व होली विशेष आलेख - लोकगीतों में झलकती संस्कृति का प्रतीक : होली // आत्माराम यादव 'पीव'

होली की एक अलग ही उमंग और मस्ती होती है जो अनायास ही लोगों के दिलों में गुदगुदी व रोमांच से भर देती है। खेतों में गेहूं चने की फसल पकने लग...