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व्यंग्य मजबूरी है - गांधी को जिंदा रखना / हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन
व्यंग्य मजबूरी है - गांधी को जिंदा रखना / हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन

व्याकुल गांधी जी स्वर्ग में टहल रहे थे । किसी काम में मन नहीं लग रहा था आज । किसी भारतीय से मुलाकात की तमन्ना थी । भारत का हाल जानने की उत्क...

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वृद्ध लोग -समाज की सामूहिक जिम्मेदारी (अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर विशेष ) / सुशील कुमार शर्मा
वृद्ध लोग -समाज की सामूहिक जिम्मेदारी (अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर विशेष ) / सुशील कुमार शर्मा

आज हमारे समाज में वृद्ध लोगों को दोयम दर्जे के व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। देश में तेजी से सामाजिक परिवर्तनों का दौर चालू है और इस कारण...

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गांधी का सेवा संकल्प मनोज कुमार
गांधी का सेवा संकल्प मनोज कुमार

  मोहनदास करमचंद गांधी यह नाम है उन हजार करोड़ भारतीयों में से एक जो अपने जीवन-यापन के लिए दूसरे लोगों की तरह शिक्षा प्राप्त करते हैं और परि...

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हिन्दी व्यंग्य में अनोखा प्रयोग : व्यंग्य की जुगलबंदी
हिन्दी व्यंग्य में अनोखा प्रयोग : व्यंग्य की जुगलबंदी

हिंदी साहित्य में व्यंग्य को लेकर बहुत ज्यादा प्रयोग देखने को नहीं  मिलते है और  जो  अभी तक हुए है उनका भी सही से मूल्याकन नहीं हो पाया है ...

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कहानी - तेज़ाब - विनीता शुक्ला
कहानी - तेज़ाब - विनीता शुक्ला

-- अदालत की कार्यवाई शुरू होने वाली थी. मयंक पाल की आँखें भर आईं. रह रहकर उन्हें वो दृश्य याद आ र...

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कहानी - फिर एक बार - विनीता शुक्ला
कहानी - फिर एक बार - विनीता शुक्ला

फैक्ट्री का सालाना जलसा होना था. तीन ही सप्ताह बच रहे थे. कायापलट जरूरी हो गया; बाउंड्री और फर्श की...

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