मंगलवार, 31 जनवरी 2006

कहानी की कहानी

-कृश्न चंदर नोबल पुरस्कार विजेता शोलोखोव मेरे प्रिय लेखकों में से हैं. लेकिन कभी-कभी वे भी विचित्र दकियानूसी की बात कर जाते हैं. इधर हाल मे...

रविवार, 29 जनवरी 2006

मैं कलमकार

-धनपतराय झा मैं कलमकार कलम की पंखों से उड़ता अनंत आकाश में अनुभूति खोद लाता हूँ जीवन का जल सागर की गहराई तक जाकर ढूंढें मोती कुछ असली, कुछ...

शनिवार, 28 जनवरी 2006

जुर्म की दुनिया का पूरा सच : बबलू श्रीवास्तव का अधूरा ख्वाब

माफिया डॉन बबलू श्रीवास्तव का सद्यःप्रकाशित उपन्यास ‘बबलू श्रीवास्तव का अधूरा ख्वाब’ अंडरवर्ल्ड और भारतीय प्रशासन के क्रियाकलापों-संबंधों प...

गुरुवार, 19 जनवरी 2006

नरेन्द्र कोहली का व्यंग्य : मेरे जीवन की नाटकीय त्रासदियाँ

***********. मेरी किशोरावस्था की त्रासदियाँ बड़ी भयंकर हैं. यह वह वय है, जिसमें स्मरण शक्ति बड़ी प्रखर होती है. कुछ भुलाए ही नहीं भूलता. अभी...

बुधवार, 18 जनवरी 2006

संजय विद्रोही: अपनी बात

मैं सन् 1973 कोटपूतली (राजस्थान) में पैदा हुआ. वहीं पला, पढ़ा, बढ़ा. लगातार पढ़ते हुए डॉक्टरेट किया. मन की विवशताओं के चलते छोटी उम्र में ...

शनिवार, 14 जनवरी 2006

संजय विद्रोही का सम्पूर्ण कहानी संग्रह : कभी यूँ भी तो हो

(टीप : पूरी पुस्तक बहुत बड़ी है, अतः पृष्ठ लोड होने में समय ले सकता है. अतः कृपया धैर्य बनाए रखें.) कभी यूँ भी तो हो रोज मरने का शौक है...

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