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July 2006
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चुटकुला #151

विचित्र सवाल !

एक सुंदर तरुणी गवाही देने के लिए विटनेस बॉक्स में खड़ी थी।

उसे तेज नजरों से घूरते वकील ने गरजकर बोला, ' मैं अपना प्रश्न फिर दोहराता हूं। अठारह सितंबर की रात को आप कहां थीं?

तरुणी लज्जा से सुर्ख हो गयी।

ओह! वह बोली - 'यह प्रश्न पूछें तो ही अच्छा है वकील साहब। मैं इसका उत्तर नहीं दे सकती।

वकील ने और दबाव डालते हुए कहा, 'यह तो आपको बताना ही होगा। बहाने मत बनाइए उस रात आप कहां थीं?

तरुणी के कपोल रक्तिम हो उठे। किसी तरह संभल कर उसने कहा- अच्छा, जब आप इतना जोर दे रहे हैं तो मुझे बताना ही पड़ेगा।

अठारह सितंबर की रात में मैं घर बैठी वर्ग पहेली हल कर रही थी।

वकील ने बौखलाते हुए हैरत से पूछा।

'भला इसमें शर्माने की क्या बात थी?

बात तो थी वकील साहब। उसने सुबकी भरी- 'मेरी जैसी सुंदर, जवान और कुंवारी लड़की घर बैठकर वर्ग पहेली में रात बर्बाद करे, यह शर्माने की बात नहीं है? उसने जवाब दिया।

चुटकुला #152

कहीं पे निगाहें !

मैं तुम्हारे द्वारा प्रेषित पत्रों पर लगे डाक टिकटों को चूमना नहीं भूलता, क्योंकि उसमें

तुम्हारे होठो का स्पर्श शामिल रहता है। प्रेमी ने कहा।

प्रेमिका बोली - 'सॉरी डाक टिकट चिपकाने का काम तो मेरी बूढ़ी नौकरानी किया

करती है।

चुटकुला # 153

हसीन सपना !

प्रेमिका को निराश देखकर एक दिन प्रेमी ने अपनी सारी हिम्मत जुटाकर प्रेमिका से कहा, प्रिये, रात मैंने एक सपना देखा। मैंने देखा कि मैं तुम्हारे सामने शादी का प्रस्ताव रख रहा हूं। क्या तुम इस सपने का अर्थ समझीं?

प्रेमिका ने कहा, जरूर। इसका अर्थ यह है कि तुम जागते रहने के बजाय सोए रहने में ज्यादा समझदारी का काम करते हो।

चुटकुला # 154

भूल-चूक लेनी-देनी !

मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकती जीतेन्द्र। विभोर होते हुए प्रीति ने कहा।

पर मैं जीतेन्द्र नहीं राकेश हूं। राकेश ने बताया।

सॉरी डॉर्लिंग ! मैं भूल गई थी कि आज रविवार नहीं, सोमवार है। प्रीति ने स्पष्ट

किया।

क्या कहा? आज सोमवार है। अरे, बाप रे बाप! तुमने पहले क्यों नहीं बताया कि आज

सोमवार है। अब मैं फौरन चलता हूं। पता नहीं सुनीता, कितनी गालियां दे रही होगी।

जाते हुए राकेश ने बताया।

चुटकुला #155

वाह! क्या बात है

एक पार्क में तीन सुन्दर कन्याएं घास पर बैठकर बातें कर रही थी । उनमें से एक अंधी थी, दूसरी लंगडी और तीसरी गंजी । एकाएक अंधी ने जोर से कहा, ''वाह ! कितना सुन्दर फूल खिला है वहाँ पर !

लंगडी ने जवाब दिया, ''रुक, मैं अभी दौडकर फूल तोड लाती हूँ।

गंजी फटके से बोली, ''लाकर मेरे सिर पर लगा देना।

चुटकुला # 156

गंजा और हसीना !

खूबसूरत हसीना अपनी मोपेड़ पर सवार होकर बीच सड़क से गुजर रही थी । एकाएक उसके सामने एक गंजा व्यक्ति सायकल पर सवार आ टपका।

खूबसूरत हसीना ने मोपेड़ रोकने की बहुत कोशिश की पर अंतत: वह गंजे की सायकल से जा टकराई । गंजा गरजकर बोला, '' दिखता नहीं है क्या ? गाड़ी सिर पर चढाने का विचार है ?

हसीना ने जवाब दिया, '' मोपेड़ तुम्हारे सिर पर चढाकर नीचे फिसलकर गिर जाने का मेरा कोई इरादा नहीं है !!

चुटकुला # 157

वसीयतनामा !

एक आजन्म कुंआरे पुरुष ने अपनी संतुष्टिपूर्ण एवं खुशहाल आबाद जिन्दगी से किनारा करने के पूर्व अपनी वसीयत लिखी। उसने बेहद सोच-समझकर अपनी लाखों की जायदाद का अधिकांश हिस्सा उस लड़की के नाम कर दिया जिसने कि उसके साथ तीस वर्ष पूर्व शादी करने से इनकार कर दिया था एवं जिसके बाद ही उसने आजन्म कुंआरा रहने की कसम खाई थी।

वसीयतनामा के नीचे उसने यह लिखा 'मैं आपके प्रति कृतज्ञ हूं। आपके ना करने के कारण मुझे ज्ञात हुआ कि जिन्दगी पत्नी की बंदगी के बिना कितनी रंगीली है।

चुटकुला # 158

जो आज्ञा !

स्वामीजी पांडाल में प्रवचन दे रहे थे। स्त्री-पुरुष तन्मयता से सुन रहे थे। स्वामीजी ने

कहा-'भक्तों! मानव का जन्म हर प्राणी से श्रेष्ठ है। मावन योनि को सर्वोत्तम मान गया

है। मानव योनी पाकर भी जिसने उसका मूल्य न समझा उसका इस पृथ्वी पर आना

धिक्कार है। स्वामीजी की पंक्तियां खत्म होते न होते, पुरुषों का भक्त समुदाय उठकर

नारी भक्त समुदाय उठकर नारी समुदाय की दिशा में बढ़ चला था।

चुटकुला # 159

भगवानदर्शी !

मामाजी - पप्पू ये क्या बना रहे हो?

पप्पू - भगवान का चित्र मामाजी - लेकिन यह तो कोई भी नहीं जानता कि भगवान देखने में कैसे लगते हैं?

पप्पू - अब देखना, सबको मालूम हो जाएगा।

चुटकुला # 160

कायदे वाले !

तलाक के एक केस की सुनवाई अदालत में चल रही थी। पत्नी ने शिकायत की - 'योर आनर! सुबह सोकर उठने के बाद मेरा पति जब डायनिंग टेबल पर आता है, तो कुछ भी नहीं पहने होता है।

जज ने सहानुभूति जताई - 'ओहोहोहो ! और ब्रेकफास्ट के वक्त आप क्या पहने होती हैं?

वह बोली - अपनी चप्पलें, योर ऑनर !

चुटकुला # 161

लक्ष्य न चूके !

हनीमून पर आया जोडा, दिन भर पर्वतों की सैर करके जब रात में होटल में लौटा, तो उनके बीच यूं संवाद चला।

पति - थक गई हो, प्रिये?

पत्नी - हां, प्रियतम !

पति - क्या बहुत ज्यादा थक गई हो प्रिये?

पत्नी - सवाल ही पैदा नहीं होता, प्रियतम !

चुटकुला # 162

फूटी ऑंख !

नंदूजी - प्रेम के चरम क्षणों में पत्नियाँ ऑंखें क्यों मूँद लेती हैं?

चंदूजी - इसलिए क्योंकि वे अपने पार्टनर को आनंदित होते हुए नहीं देख सकतीं।

मुँहलगे कहीं के !

वेबू ने चच्चू से पूछा - 'चच्चू ! क्या आप चुंबन के हक में हैं?

चच्चू बोले - बिल्कुल नहीं !

वेबू ने पूछा - 'क्यों भला?

चच्चू बोले - बडे-बूढे कह गए हैं, औरतों को मुँह नहीं लगाना चाहिए।

चुटकुला #163

बूँद-बूँद

फुटपाथ पर भीड थी । पहलवान अपने दिलचस्प कारनामों को दिखाकर बेशुमार

तालियाँ बटोर रहा था। उसका अगला कारनामा था - 'नीबू निचोड - 2001,....

उसने पूरी ताकत लगाकर इस कदर नीबू को निचोड डाला, कि उसमें रस का एक

कतरा भी नहीं बचा। उसने सबको चैलेंज किया - तुममें से अगर कोई इस नीबू से अब एक बूँद भी निकाल कर बता देगा, तो मैं आजीवन उसकी गुलामी करूँगा।

भीड में से एक दुबले से सज्जन निकले और नीबू हाथ में लेकर उन्होंने एक नहीं, पाँच बूँदें टपका दीं । यह देख पहलवान पसीना-पसीना होकर बोला - 'भाई ! आप कौन

हैे?

सज्जन बोले - 'जी....इनकम टैक्स ऑफिसर ।

चुटकुला # 164

राजी -खुशी !

मैडम जूली को खबर लग चुकी थी कि किसी लफंगे ने उसकी बेटी डॉली के साथ

अनुचित हरकत की है। घर लौटने पर डॉली ने चुंबन की सात स्वीकार भी कर ली।

जूली ने पूछा - कहाँ लिया उसने चुंबन?

डॉली बोली - मेरे होंठों पर ।

जूली भडकी - अरी कम्बख्त ! मेरा मतलब है, उस वक्त तू कहाँ थी?

डॉली ने बताया - उसकी बाँहों में ।

चुटकुला # 165

सीधा समाधान !

नर्सों की नियुक्ति के इंटरव्यू में पूछा गया - जुडवाँ बच्चे किस वजह से पैदा होते हैं?

एक उम्मीदवार लजाकर बोली - उसी वजह से, जिस वजह से एक बच्चा पैदा होता

है।

चुटकुला # 166

सुरसुरी-झुरझुरी

दो सहेलियाँ बातें कर रही थीं।

एक बोली - मेरे पति के सिर पर इन दिनों बड़ी-बड़ी मूँछें रखने का फैशन

सवार हुआ है। मुझे तो हँसी आती है।

दूसरी बोली - हाँ सखी, गुदगुदी तो मुझे भी होती है।

चुटकुला # 167

लेट अराइवल !

पचहत्तर साल के जग्गूजी होटल के अपने कमरे में बैठे अखबार पढ़ रहे

थे। दस्तक होने पर जब उन्होंने दरवाजा खोला तो एक अनुपम सुंदरी को

खड़े पाया ।

वह उन्हें देखकर हडबड़ाई - 'सॉरी ! मैं गलत कमरे में आ गई ।

वृध्द जग्गूजी बोले - आई तो तुम ठीक कमरे में हो, लेकिन पैंतीस साल

लेट आई हो !

चुटकुला #168

परिधान ध्यान!

दो युवा स्टेनोग्राफर अपने किसी सहकर्मी पुरुष के बारे में बातें कर रही

थीं।

एक बोली - 'वह कपड़े कितने अच्छे पहनता है।

दूसरी बोली - 'हाँ, और कितनी जल्दी से पहनता है।

चुटकुला # 169

राज की बात !

एक रफ-टफ शक्लोसूरत वाला नौजवान बस की कतार तोडकर जब बस

में चढने की कोशिश करने लगा तो कंडक्टर ने टोका - 'ऐ भाई, चल पीछे

लाइन में खड़ा हो जा !

नौजवान ने गरजकर कहा - 'लाइन में खड़े हो जाओ तुम। मैं तो ऐसे ही

चढूँगा।

कंडक्टर ने पूछा - 'क्यों भाई, तू क्या लाट साहब का बच्चा है?

नौजवान ने सीना फुलाकर कहा - 'ओए ! शेर का बच्चा हूँ मैं, शेर का

बच्चा ।

कंडक्टर ने प्रेम से कहा - 'हाँ भाई लगता तो है पर एक बात तो बता ।

तेरी मम्मी चिडियाघर गई थी? या शेर तेरे घर आया था। ऐं?

चुटकुला # 170

बार-बार देखो !

लूसी एक शरीफ और सात्विक विचारों वाली अध्यापिका थी। एक बार वह किसी रिश्तेदार के

यहाँ शादी में गई । वहाँ एक युवक से उसकी कुछ ऐसी घनिष्ठता हुई कि उनमें एक रात, 'ऐसा-वैसा भी हो गया ।

उसके तुरंत बाद लूसी रोने लगी - 'हाय ! अब मैं अपनी कक्षा के बच्चों के सामने, इस तरह दो बार पाप करने के बाद कैसे जाऊँगी?

युवक ने हैरानी से कहा - 'दो बार? लूसी बोली - और क्या ! अभी तुम दोबारा भी तो करोगे ना?

चुटकुला # 171

हाथरस !

दो सहेलियाँ सिनेमा देख रही थीं। अचानक एक फुसफुसा कर बोली - 'ऐ!

देख ना, मेरे पास बैठा लड़का 'आत्ममंथन कर रहा है।

दूसरी बोली - 'तो करने दे ! तुझे उससे क्या?

पहली ने बताया - 'पर वो नालायक मेरा हाथ इस्तेमाल कर रहा है

चुटकुला # 172

नींद न देखे टूटी खाट !

एक अमेरिकी फौजी छुट्टी पर घर आया तो अपनी पत्नी जूली को बाँहों में

भरकर बोला - 'मेरी परी ! मेरी र!!

मामूली शक्ल-सूरतवाली जूली ने कहा - मैं समझ गई ! आप ये खिताब

मुझे इसलिए दे रहे हैं, क्योंकि मैं ब्यूटी पार्लर में पाँच घंटे गुजार कर आ

रही हूँ।

फौजी बोला - नहीं प्रिये, इसकी वजह यह है कि मैं घर से दूर वियतनाम

में पाँच बरस गुजार कर आ रहा हूँ।

चुटकुला #173

पवित्र कहीं की!

पति जलता-भुनता आया और पत्नी से बोला - 'हमें यह फ्लैट बदलना

पड़ेगा। क्योंकि चौक में खड़ा मकान मालिक का लड़का, जोर-जोर से कह

रहा है कि एक को छोड़कर इमारत की हर औरत के साथ वह जन्नत की

सैर कर चुका है।

पत्नी ने सोचकर कहा - 'वह जरूर बीस नंबर के फ्लैट वाली निगोडी

शकुंतला होगी।

चुटकुला #174

चिकनी चुपड़ी !

रात में बंद कमरे से आती झगडे की आवाजें ।

झुमरू - तुम तो ऐसा लगता है आजकल कोल्ड क्रीम लगाती हो!

झुमकी - और तुम । तुमने तो न जाने कब से वेनिशिंग क्रीम लगा रखी है।

चुटकुला # 175

बॉस की सुन!

ओकलाहोमा सिटी के पास जेस्सी जेम्स ने ट्रेन पर धावा बोल दिया। उसके गिरोह ने

कम्पार्टमेंट को कब्जे में ले लिया।

जेस्सी ने ऊँची आवाज में कहा- 'ओके एवरीबॉडी! तो हम इन यात्रियों में से हर

औरत के साथ 'रेप करेंगे और हर मर्द को लूटेंगे।

उसके साथी ने कहा- 'नहीं जेस्सी हम औरतों को लूटेंगे, मर्दों के साथ 'रेप करेंगे।

तभी यात्रियों में से एक बला की सुंदर, कसी हुई शोख कन्या ने कहा- 'ऐई! तुम

लोग अपनी मत चलाओ। जैस्सी का कहना मानो। आखिर वह तुम्हारा बॉस है।

चुटकुला # 126

शादी का फैसला

बेटी (अपनी मां से)- मां, मैं अमर से शादी नहीं करुंगी।

मां- क्यों बेटी, क्या तेरी नजर में कोई और है?

बेटी- हां मां, लेकिन अभी फैसला नहीं किया है।

मां- क्या कोई परेशानी है?

बेटी- मां, मेरे प्रेमी को तो स्वर्ग-नरक में विश्वास ही नहीं है।

मां- घबरा मत बेटी, तू पहले उससे शादी कर ले। शादी के बाद उसे अपने आप स्वर्ग-

नरक में विश्वास हो जाएगा।

चुटकुला # 127

षडयंत्र

लेखक (अपने मित्र से) : मुझे ऐसा लगता है कि सभी प्रकाशकों ने मिलकर मेरे विरुध्द

षडयंत्र रच रखा है।

मित्र : आपको ऐसा क्यों लगता है? आपके पास कोई प्रमाण है।

लेखक : हां, मेरे पास प्रमाण है। मेरे एक उपन्यास को दस प्रकाशकों ने बिना छापे

वापस कर दिया है।

चुटकुला #128

हनीमून

कैसी रही तुम्हारी हनीमून? एक मालती ने अपनी सहेली शीला से पूछा।

शीला ने परेशान स्वर में कहा- मेरी तो जान पर बन आई है।

मालती- अरे, कैसे क्या हुआ?

शीला- ऊपर-नीचे, ऊपर-नीचे....? और फिर थकान से चूर ! गहरी सांसे!

मालती- तो फिर इसमें बुरा क्या है? तू क्या भजन करना चाहती थी

शीला- अरे यार! तू गलत समझ रही है। मैं कश्मीर की घाटियों में चढाई-उतार के साथ

स्केटिंग करने की पति की जिद भी पूरी करने की बात कर रही हूं।

चुटकुला # 129

पिताजी

एक मित्र दूसरे मित्र से- तुम्हारे पिताजी क्या काम करते हैं?

दूसरा मित्र- लोगों से सुख-दु: बांटते हैं।

पहला मित्र- वो क्या सामाजिक कार्यकर्ता हैं?

दूसरा मित्र- नहीं, डाकिया हैं।

चुटकुला #130

जच्चा-बच्चा अस्पताल

एक महिला ने हडबड़ाहट में एक टैक्सी को रोका और बोली- जल्दी करें, मुझे

जवाहर जच्चा-बच्चा अस्पताल जाना है।

इतना कहकर वह महिला जल्दी से गाड़ी में बैठ गई।

टैक्सी चालक ने भी तेज स्पीड में गाड़ी दौडाना शुरु कर दिया।

महिला बोली- सरदार जी! आराम से चलाइए मैं अपनी सहेली को देखने जा

रही हूं।

चुटकुला #131

तैराक

तीन गप्पोडी सड़क पर खड़े होकर बातें कर रहे थे।

पहला बोला - मेरे पिताजी बहुत बडे तैराक हैं, वो चार घंटे तक पानी के अंदर ही तैर

सकते हैं।

दूसरा बोला- बस इतनी सी बात, मेरे पिताजी तो पूरे दिन पानी के अंदर तैर सकते

हैं।

तीसरा बोला- क्या बच्चों जैसी बात कर रहे हो, मेरे पिताजी तो चार साल पहले गए

थे पानी के अंदर तैरने और अभी तक ऊपर नहीं आए हैं।

चुटकुला # 132

हिन्दी की जानकार

एक हिन्दुस्तानी पेरिस की सैर कर रहा था। एक दिन वहां उसे एक बुक स्टाल पर एक

सुन्दर लड़की नजर आई, जो हिन्दी पुस्तक के पृष्ठ उलट रही थी। हिन्दुस्तानी का उस

पर दिल गया। वह उससे परिचय बढाने की गरज से उसके पास गया और उससे

पूछा-क्या आप हिन्दी जानती हैं ?

लड़की बोली - जी हां, कुछ-कुछ।

कुछ-कुछ आखिर कितनी ? हिन्दुस्तानी ने हंस कर पूछा।

लड़की ने जवाब दिया - जी एक रात के पांच सौ फ्रैंक।

चुटकुला #133

बहन चाहिए

बेटा अपने पापा से कहता है पापा ! पापा ! मुझे बहन चाहिए।

पापा बेटा उसके लिए तो नौ महीने लगेंगे।

बेटा नहीं, इतनी देर नहीं चलेगी। ऐसा करिए चार आदमी और काम पर लगा

दो.......!

चुटकुला # 134

महिला और पुरुष

एक जानी-मानी महिलावक्ता महिला उत्थान के संबंध में भाषण दे रही थीं।

वो जोश में कहने लगीं- मैं पूछती हूं, यदि स्त्री होती तो ये पुरूष कहां होते?

पीछे से आवाज आई - स्वर्ग में।

चुटकुला # 135

आइसक्रीम का इंतजाम

समुन्दर तट पर घूमने के बाद एक बच्चा अपने मां-बाप के पास पहुंचा तो पिता ने

कहा- इतनी देर से तुम कहां थे ? तुम्हें भूख लगी होगी, चलो किसी होटल में खान

खाते हैं।

बच्चे ने कहा - मुझे तो बिल्कुल भूख नहीं है, मैं चार पैकेट बिस्कुट और पांच कप

आइसक्रीम खा चुका हूं।

पिता ने पूछा - वो कैसे ? तुम्हारे पास पैसे कहां से आये?

बच्चे ने कहा - पैसों की जरूरत नहीं पड़ी, मैं तो बस यूं ही इधर-उधर रोता हुआ

भटकता फिरा, जैेसे अपने मां-बाप से बिछड गया हूं।

चुटकुला # 136

जीमने का न्यौता

पंडिताइन ने अपनी नववधु से कहा कि जरा खटिया ठीक कर दो। पण्डितजी जीमने जा

रहे है आकर तुरंन्त लेटेंगे। बहु दहाडें मार-मार कर रोने लगी। सास से पूछा कि क्यों रो

रही है।

बहु ने कहा कि मेरे पिता ने मुझे कैसे भुक्खड घर में दे दिया जिन्हें यजमान के यहां

जीमना भी नहीं आता। हमारे यहां पिताजी जब जीमने जाते हैं तो खटिया साथ जाती है

और जीमने के बाद चार आदमी खटिया पर ही घर लाते हैं। खुद चल कर घर आ गये

तो फिर जीमना क्या हुआ!

चुटकुला # 137

नौकरानी

एक साहब ने अपने दोस्त से कहा - क्यों भई, तुम्हारे घर में तो नौकरानी थी। पहले

वही कपड़े धोती थी, आज तुम कैसे खुद कपड़े धो रहे हो?

मैंने उससे शादी कर ली है। दोस्त ने जवाब दिया।

चुटकुला # 138

गाड़ी धीरे चलाइए

बच्चों के स्कूल के पास तो बोर्ड लगा हुआ है - कृपया गाड़ी धीरे चलाइए। स्कूल

है।

पर महिला कॉलेज के सामने कोई बोर्ड नहीं है।

हमारे अधिकारी समझदार हैं।

उन्हें पता ही है कि इस इलाके में गाड़ी अपने आप ही धीमी गति से चलने लगती है।

चुटकुला # 139

भाभी से मुलाकात

एक लड़की स्कूल ड्रेस पहन कर स्कूल जाने के लिए निकलती है... एक

आवारा लड़का आकर पूछता है-' एक्सक्यूज मी! आप स्कूल जा रही

हैं...???

लड़की बोली- नहीं भैया, भाभीजी अर्थात् आपकी बीबी से मिलने जा रही

हूं........।

चुटकुला # 140

कार और एल अक्षर

एक लड़की(अपनी मां से) - मम्मी...बहुत सारे लोग अपनी कार के पीछे

लाल रंग से अंग्रेजी का 'एल शब्द क्यों चिपका देते हैं।

मां ने जवाब दिया- बेटा, क्योंकि वो कार चलाना सीख रहे होते हैं।

लड़की तुरंत जाकर अपने छोटे भाई की पीठ पर लाल रंग से 'एल लिखकर

चिपका देती है। क्योंकि उसका भाई भी चलना सीख रहा था।

चुटकुला # 141

लंबूजी की शॉपिंग

एक बार एक बहुत लंबा आदमी सब्जी खरीदने के लिए सब्जी मंडी गया और

एक सब्जी की दुकान के आगे खड़े होकर उसने सब्जी वाले से पूछा- भैया,

नींबू कैसे दिए।

लंबूजी की बात सुनकर सब्जी वाला बोला- भाईसाहब, जरा झुककर देखें।

यह नींबू नहीं संतरे हैं।

चुटकुला # 142

बहरी बीबी

एक आदमी ने एक धनी विधवा औरत से शादी कर ली तो उसके एक दोस्त ने उसकेकान में कहा - मैं तुम्हारी बात नहीं समझ सकता, यार। माना कि यह बहुत धनी महिला है। मगर शादी सिर्फ पैसों के लिये तो नहीं की जाती। इतनी बड़ी और बदसूरत औरत से शादी करना कोई बुध्दिमता की बात नहीं है। इस बेचारी के मुंह में तो दांत भी नहीं है।

वह व्यक्ति बोला - यार, यह बात कान में कहने की क्या जरूरत है ? जोर से खुल कर बोलो, वह बेचारी सुनती भी ऊंचा है।

चुटकुला #143

कमरा या लिफ्ट

ग्राहक ने होटल के बेयरे से कहा- मैं तुमसे साफ-साफ कह देता हूं कि मैं इस कमरे में नहीं रह सकता। क्या तुमने मुझे जानवर समझ रखा है, जो इस कबाडखाने में ठहरा रहे हो, जिसमें केवल एक स्टूल पड़ा हुआ है। शायद तुम यह समझते हो कि मैं पहली बार शहर आया हूं, इसलिए तुम मुझे उल्लू बनाने की कोशिश कर रहे हो।

बेयरा तनिक झुंझलाकर बोला - जनाब, यह आपका कमरा नहीं लिफ्ट है।

चुटकुला # 144

टमाटर की तलाश

एक महिला ने अपनी पड़ोसन से बेहद भेद-भरे स्वर में अपना दु:ख बताते हुए कहा-

बहन, मेरा शौहर हर शाम को घर आता है तो मुझे उसकी शर्ट पर कभी गुलाबी, कभी

सुर्ख निशान नजर आते हैं। वह भी शर्ट के कंधों और कालर पर। जब मैं अपने शौहर

से इस बारे में पूछताछ करती हूं तो वह हमेशा टालते हुए कहते हैं - यह टमाटर की

चटनी के दाग हैं। तुम ही बताओ बहन, अगर तुम्हारा शौहर ऐसा करे तो तुम क्या

करोगी?

दूसरी महिला ने ताव में भरकर कहा -सबसे पहले तो मैं उस टमाटर को तलाश करूंगी।

चुटकुला # 145

टीके के रुपये

एक युवक की नई-नई शादी हुई। नास्ते के समय उन्होंने सभी को बारी-बारी से नमस्ते

की। यहां तक कि ससुराल में बर्तन मांजने वाली को भी। सालियां इस बात को ले

उडीं- वाह जीजाजी ! महरी को भी नमस्ते दाग दी।

शान्त स्वर में युवक ने समझाया - 'इसके दो कारण हैं, एक तो यह कि मैं इन्सान-

इन्सान में भेद नहीं रखता और दूसरा यह है कि घर से चलते समय मम्मी ने समझा

दिया था कि ससुराल में सबको नमस्ते कर लेना, न जाने कौन टीके के पांच रुपये दे

जाए।

चुटकुला # 146

स्त्रियों का झगडा

एक ही चाल में रहने वाली सात स्त्रियों में झगडा हो गया और इस सीमा तक बढा कि

मामला अदालत तक जा पहुंचा। जब मुकदमें में आवाज लगी तब सबने जज के सामने

भीड लगा ली, और अपनी-अपनी कहने लगीं। कुछ क्षणों के लिए जज भी बौखला

गया।

स्त्रियों की चीखो-पुकार वहां मचती रही।

आर्डर-आर्डर ! जज ने हथौडा कई मेज पर मारा।

जब शांति हो गई, तब जज ने कहा - सबसे पहले, सबसे अधिक आयु की स्त्री

अपनी बात सुनाये।

और मुकद्दमा समाप्त हो गया।

चुटकुला #147

तीन कैदी

पहला कैदी - 'शक्लें भी खूब धोखा देती हैं, एक बार एक साहब मुझे दिलीप कुमार समझ बैठे।

दूसरा कैदी - 'ठीक कह रहे हो, मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ। मुझे देखकर एक साहब जवाहरलाल नेहरू का धोखा खा गए।

तीसरा कैदी - 'अजी यह तो कुछ भी नहीं। मैं जब चौथी बार जेल पहुंचा तो जेलर बोला- हेभगवान! तू फिर आ गया।

चुटकुला # 148

आवारगी !

एक अभिनेत्री जो आवारगी के लिए मशर थी, अपने नए फ्लैट

में पहुंची तो वहां एक नौजवान आवेश से उसे घूरता था।

अभिनेत्री कुछ दिन तो देखती रही आखिर उससे रहा नहीं गया,

उसने नौजवान से कहा - 'अगर तुमने कोई बदतमीजी की तो मैं

अपने पति को बुला लूंगी।

नौजवान ने घबराकर पूछा - 'कहां हैं आपके पति?

अभिनेत्री ने कहा - 'वे एक महीने से बाहर गए हैं।

चुटकुला #149

दूसरे ईसा मसीह !

एक युवती अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराने डॉक्टर के पास गई। डॉक्टर ने उसका चेकअप किया और कहा कि आप अपने पति को बता दीजिए कि वह पिता बनने वाले हैं।

'लेकिन मेरी तो शादी ही नहीं हुई। युवती ने जवाब दिया।

'तो ठीक है, आप अपने मित्र को बता दीजिए कि वह पिता बनने वाला है।

'मेरा कोई मित्र भी नहीं है।

'तो आप अपने पड़ोसी को बता दीजिए।

'मेरा कोई पड़ोसी भी नहीं है।

डॉक्टर झुंझला गया। बोला, 'ठीक है। आप अपनी मां को बता दीजिए कि ईसा मसीह दोबारा आने वाले हैं।

चुटकुला #150

चोट पे चोट !

एक युवक बड़ा निराश दिखाई दे रहा था। एक मित्र के पूछने पर उसने बताया

'मैं बिजनेस के काम से बाहर गया तो परसों सवेरे मैंने अपनी पत्नी को तार

दिया कि मैं कल रात घर आ जाऊंगा और जब मैं लौटा तो देखा कि मेरी

पत्नी के बिस्तर पर एक पड़ोसी का लड़का...।

'मैं समझ गया। मित्र उसकी बात काटकर बोला - फिर क्या हुआ?

'मैं इस बारे में सलाह करने अपनी मां के पास गया। मैंने उन्हें सारी बात

बताई। सब सुनकर मां बड़ी देर तक चुप रही फिर बोली - 'हो सकता है उस

बेचारी को तुम्हारा तार न मिला हो।

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