September 2006

बाल कथा - लोहे के पंजों वाला बच्चा...

. बाल कथा लोहे के पंजों वाला बच्चा - ब्रजेश कानूनगो चुन्नू दौड़ता हुआ अपने घर में घुसा. उसके एक पैर के पंजे से खून बह रहा था. उसको पता ही न...

चुटकुले 601 से 650

. चुटकुला # 0601 पति (पत्नी से)- प्रिय, कान में कुछ ऐसी मीठी बात कह दो, जिससे कि मेरे पांव जमीन पर ही न पड़े। पत्नी (कान के पास जाकर झुंझला...

कब लगा सर पे आसमान भी था?

. तरही शेर... लफ़्ज के जून-अगस्त 06 अंक में ग़ज़ल लिखने के लिए तरह - "तब लगा सर पे आसमान भी था" समस्या-पूर्ति के रुप में दिया ...

अनूप भार्गव की कुछ कविताएँ

अनूप भार्गव की कुछ कविताएँ कविता 1 एक ज्यामितीय कविता मैं और तुम एक ही दिशा में न जाने कब से चलती हुई दो समान्तर रेखाएं हैं । आओ क्यों न इ...

रमेशचन्द्र श्रीवास्तव की कुछ ताज़ी ग़ज़लें

रमेशचन्द्र श्रीवास्तव की कुछ ताज़ी ग़ज़लें ग़ज़ल 1 शब्दों की गूंज फिर मुझे दीवाना कर गई सन्नाटा चीरती हुई दिल में उतर गई दीवार पर लगी हुई ...

स्वयं प्रकाश की हृदयस्पर्शी कहानी : बलि

बलि - स्वयं प्रकाश घनी हरियाली थी, जहां उसके बचपन का गांव था. साल, शीशम, आम, कटहल और महुए के पेड़. ये बड़े-बड़े पेड़. पेड़ के नीचे खड़े होकर ए...

एजाज़ अख़्तर की चूड़ियाँ खनकाती ग़ज़ल...

ग़ज़ल एजाज़ अख़्तर कुछ सदा सुबह तक तो आएगी चूड़ियों की खनक तो आएगी सूखी ऑंखों के सूने जंगल में ऑंसुओं की महक तो आएगी लाख रस्ते बदल के घर जाओ ...

आलेख - हमारे किशोर किस ओर...

हमारे किशोर किस ओर - मृणाल पाण्डे शेख सादी के ‘गुलिस्तां' में एक लड़के की कहानी आती है जिसे बादशाह-सलामत का स्वास्थ्य ठीक करने के लिए ...

चुटकुले 553 - 600

. इंटरनेट से विविध फ़ॉन्टों की साइटों से उतारे गए तथा यूनिकोडित किए गए कुछ चुटकुले चुटकुला # 0553 पत्नी (पति से)- जब मैं मर जाऊंगी, तो तुम क...