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जावेद अख़्तर की आत्म कथा : कभी धूप तो कभी छांव के दिन

लखनऊसेअलीगढ़कासफर
लोगजबअपनेबारेमेंलिखतेहैंतोसबसेपहलेयहबतातेहैंकिवोकिसशहरकेरहनेवालेहैंमैंकिसशहरकोअपनाशहरकहूँ? पैदाहोनेकाजुर्मग्वालियरमेंकियालेकिनहोशसंभालालखनऊमें, पहलीबारहोशखोयाअलीगढ़में, फिरभोपालमेंरहकरकुछहोशियारहुआ, लेकिनबम्बईआकरकाफीदिनोंतकहोश

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