January 2007

कहानी : साहसी राजन

-राजकुमारी श्रीवास्तव कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घट जाती हैं जिनकी न तो संभावना होती है और न जिनके घटने की कोई आशा ही कर सकता है. एक दिन केरल ...

कहानी - चुप चन्तारा रोना नहीं

-नीरजा माधव चन्तारा के दोनों हाथ तेज़ी से बेलन के साथ-साथ गोल-गोल घूम रहे थे. चौके पर पड़ी आटे की लोई पूड़ी का आकार ले रही थी. ''त...

कहानी : कुत्ते

-असगर वजाहत शहर में जब कुत्तों ने गड़बड़ शुरू की और वहाँ भौंकने लगे जहाँ उन्हें दुम हिलानी चाहिए थी तो पाया कि कुत्तों से मुक्ति पाने क...

संजय विद्रोही की कहानी : हैप्पी न्यू ईयर

कहानी: ‘ हैप्पी न्यू ईयर ' संजय विद्रोही उन दिनों ऑफिस में मदान साहब की तूती बोलती थी। मदान साहब ईस्ट इंडिया कम्पनी के ...

तृतीय प्रकृति के द्वँद

तृतीय प्रकृति के द्वँद -आलेख : डॉ. सुनील दीपक हाल ही में 800 मीटर की दौड़ में पदक जीत कर "स्त्री नहीं ...

शौकत थानवी का व्यंग्य: नेता

व्यंग्य नेता - शौकत थानवी डॉक्टर अंसारी के व्याख्यान का सबसे अधिक प्रभाव भाई मकसूद पर हुआ कि हम लोग हाय-हाय करते रह गए और वह तीर की...