रविवार, 22 जून 2008

कुणाल की एक फ़्यूज़न, कोड युक्त ग़ज़ल

हास्य-ग़ज़ल

 

-कुणाल

 

(मूल प्रकाशित रचना फ़ालतू की लाइनें यहाँ पढ़ें)

 

तुम भी तो कोडिंग किये जा रहे हो, हम भी ये कोडिंग किये जा रहे हैं,
ज़हन में दोनों के खयाल है लरज़ा, क्यों बेसाख़्ता ज़िंदगी जिये जा रहे हैं ??

ये डिफेक्टों की लिस्ट में ये बगों का सामना, दोनों ही बैठे किये जा रहे हैं,
PM ही जीता है लड़ाई में आखिर, ज़ख़्म क्यों हम ही झेले जा रहे हैं ??

रहे सामने वो क्लायंट की हाज़िरी में, हम ही क्यों पर्दे के पीछे जा रहे हैं !!
c.e.o. के ethics किसी ने न देखे, हमें ही सारी ट्रेनिंग दिये जा रहे हैं !!

HR यहां है, Manager वहां है, हमारे सिवा क्या मैनेज किये जा रहे हैं ??
ब्रेक-डाउन में सैलरी के किये हैं घपले, हम हैं कि सब कुछ सहे जा रहे हैं !!!

पता है हमें भी, पता है तुम्हें भी, कि सपने कैसे कैसे बुने जा रहे हैं !!
कभी न कभी तो PM बनेंगे, अरमान यही दिल में किये जा रहे हैं !!

करेंगे वो ही जलसे, के घूमेंगे हम भी, प्लानिंग अभी से किये जा रहे हैं…
हैं हम भी ढक्कन! कि कोडिंग के बदले ये फालतू की लाईनें लिखे जा रहे हैं …

 

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- કુણાલ (Kunal)

PM = Project Manager
HR = Human Resource
Manager = HR Manager

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कुणाल की अन्य रचनाओं के लिए देखें उनका ब्लॉग - जीवन पुष्प

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