गुरुवार, 31 जुलाई 2008

वीरेन्द्र जैन का व्यंग्य : आतंकियों को पोटा और पोटा का आतंक

व्यंग्य आतंकियों को पोटा और पोटा का आतंक -वीरेन्द्र जैन   पहले हर घर में एक अस्त्र - शस्त्र हुआ करता था जिस का नाम सोंटा होता थ...

बुधवार, 30 जुलाई 2008

कान्ति प्रकाश त्यागी की कविता : परतंत्र या स्वतंत्र

परतन्त्र या स्व्तन्त्र   -डॉ० कान्ति प्रकाश त्यागी   पहले तो हम परतन्त्र थे हम आज भी पर-तन्त्र हैं पहले विदेशियों के अधीन थे ...

शामिख फराज की कविता : तुम्हारी याद

तुम्हारी याद वह इक हाथ फिराना बालों में वह नाम काढ़ना रुमालों में कुछ बातें कहना मध्यम से उजालों में याद आता है आज भी व...

मंगलवार, 29 जुलाई 2008

महेन्द्र भटनागर की दो कविताएं

  View full size   घटाएँ   छा गये सारे गगन पर नव घने घन मिल मनोहर, दे रहे हैं त्रस्त भू को आज त...

सोमवार, 28 जुलाई 2008

अनुज खरे का व्यंग्य – नवगति-अद्योगति-दुर्गति

व्यंग्य नवगति-अद्योगति-दुर्गति... -- अनुज खरे   वे छह छंदमुक्त कविताएं सुना लेने के पश्चात् सातवीं के लिए ‘स्टार्ट’ ले रहे थे। ज...

अनिता सनाढ्य की कविता

कविता अकेले   -अनिता सनाढ्य   यह कविता बिछुड़े प्रियजनों के बीच की भावनाएं हैं। वह प्रेमी-प्रेमिका हो सकती है या बिछुड़े हुए पत...

अनुज खरे की कविता : कैसे जहां में आ गए हम…

कैसे जहां में आ गए हम ---- अनुज खरे   किलकारियां भी डराती हों हंसी भी बिखेरती हो मायूसी , गर्मजोशी से गायब जैसे गर्माहट , आ...

रविवार, 27 जुलाई 2008

सनत कुमार जैन की दो कविताएं

कविताएं - सनत कुमार जैन   आश्वासन अगर मैं यह चुनाव जाता हूँ जीत दल का नेता बन जाउँ उनके बीच प्रधानमंत्री की कुर्सी से चिपक जा...

शुक्रवार, 25 जुलाई 2008

अनुज खरे का व्यंग्य : आलोचकों के श्री चरणों में सादर…

व्यंग्य   आलोचकों के श्री चरणों में सादर... -- अनुज खरे   आलोचकों के सम्मुख एक नवागत व्यंग्यकार का विनम्र-दीन-हीन-आदर भरा विनय न...

विजय कुमार मुदगल का लघु आलेख : देहदान सर्वस्व दान

रक्त दान महा दान नेत्र दान दानों में दान शरीर दान सर्वस्व दान   मनुष्य योनि ईश्वर की महान् कृति है और हम मनुष्यों ने कई बार ये चरिता...

गुरुवार, 24 जुलाई 2008

अनिता सनाढ्य की कविता : यूनिक ट्रेंड…

कविता -अनिता सनाढ्य यूनिक ट्रेंड... चाहे हो जाए सब टेंश ऐसा आया ट्रेंड बनाए हैं बहुत फ्रेंड्स चाहे हो जाए खुद का एण्ड ऐस...

रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’ के दस नंबरी दोहे

कविताएँ   -रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’   दस नम्बरी दोहे   नेता ऐसा चाहिए, डाकू तक घबराय । धुआँधार भाषण करे ,ले सबको बहकाय ॥...

बुधवार, 23 जुलाई 2008

सीमा सचदेव की बाल कहानियाँ : आओ सुनो एक कहानी भाग 1

बाल कहानियाँ -सीमा सचदेव 1. शेर और कुत्ता आओ बच्चो सुनो कहानी न बादल न इसमें पानी इक कुत्ता जंगल में रहता और स्वयं...

अनुज खरे का व्यंग्य : उत्खनन सदगुणों के जीवाश्म का

उत्खनन सदगुणों के जीवाश्म का   --अनुज खरे   भारत के एक प्रसिद्ध नगर के बाजू म खुदाई चल रही है। विदेशों से आयातित बड़ी मशीनें काम प...

मंगलवार, 22 जुलाई 2008

शिवा अग्रवाल का आलेख : गंगा को भी अब मोक्ष चाहिए

गंगा को भी अब मोक्ष चाहिए -शिवा अग्रवाल गंगा जो समस्त चराचर के प्राणियों को जीवन व मोक्ष प्रदान करती है आज मानव द्वारा उसकी कैसी ...

शिवेश श्रीवास्तव की हास्य-व्यंग्य कविता – आधुनिक बहू का आधुनिक जवाब

हास्य व्यंग्य आधुनिक बहू का आधुनिक जवाब -शिवेश श्रीवास्तव   सास ने दुखी मन से अपनी आधुनिक और कम कपड़े पहनी बहू को समझाया घर...

सोमवार, 21 जुलाई 2008

अनुज खरे का व्यंग्य : टेकं लोनं, घृतं पिवेत: ….

व्यंग्य टेकं लोनं, घृतं पिवेतः .... -अनुज खरे आधुनिक युग में इंडिया के आकाश के ऊपर से तीव्र गति से चार्वाक ऋषि की आत्मा गुजर रही ...

अमर ज्योति ‘नदीम’ की चंद ग़ज़लें

ग़ज़लें -अमर ज्योति ‘नदीम’ (1) राजा लिख राजा लिख और रानी लिख। फिर से वही कहानी लिख॥ बैठ किनांरे लहरें गिन। दरिया को तूफ़ानी लिख॥ ...

रविवार, 20 जुलाई 2008

एक विनम्र अनुरोध – समाजसेवा के इस प्रकल्प को अपने-अपने शहरों मे शुरु करें

  उज्जैन में रहने वाले श्री पीडी कुलकर्णी एक निम्न-मध्यम वर्ग के नौकरीपेशा व्यक्ति हैं। उनका एक बड़ा ऑपरेशन 2005 में सम्पन्न हुआ। उसके बाद ...

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