शनिवार, 15 नवंबर 2008

तेजेन्द्र शर्मा की 19 कहानियाँ – एमपी 3 ऑडियो बुक फ़ॉर्मेट में

tejinder sharma

तेजेन्द्र शर्मा की 19 कहानियों का ऑडियो बुक एशियन कम्यूनिटी आर्ट्स – कथा यूके, लंदन द्वारा प्रकाशित किया गया है. स्वर दिया है – शैलेन्द्र गौड़, प्रीति गौड़ व माधवेन्द्र मेहता ने. इन कहानियों को रचनाकार के पाठक अब ऑडियो बुक एमपी3 फ़ॉर्मेट में डाउनलोड कर मोबाइल एमपी 3 प्लेयरों या कम्प्यूटर पर सुन सकते हैं. कड़ियों के बाजू में दिए गए प्ले बटन पर चटका लगाकर चाहें तो आप इन कहानियों को यहीं अपने कम्प्यूटर पर भी सुन सकते हैं.

1 इस ऑडियो बुक के बारे में – जकिया जुबैरी, अध्यक्ष, एशियन कम्यूनिटी आर्ट्स लंदन

2 तेजेन्द्र शर्मा की कहानियों पर जगदम्बा प्रसाद दीक्षित

3 तेजेन्द्र शर्मा की लेखन प्रक्रिया

3 अ – कहानियों के नाम व स्वर

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4 देह की कीमत

5 पासपोर्ट का रंग

6 मलबे की मालकिन

7 ढिबरी टाइट

8 अपराध बोध का प्रेत

9 पापा की सजा

10 ईंटों का जंगल

11 काला सागर

12 कोख का किराया

13 बेघर आँखें

14 अभिशप्त

15 एक ही रंग

16 मुझे मुक्ति दो

17 चरमराहट

18 भंवर

19 श्वेत श्याम

20 गंदगी का बक्सा

21 सिलवटें

22 मुझे मार डाल बेटा

23 उपसंहार

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5 blogger-facebook:

  1. Tejendra ji ki kahaniyaN us suraj ki tarah hain jo puri dharti ko prakash se bhar deta hai.

    उत्तर देंहटाएं
  2. भाई रवि रतलामी जी

    मेरे प्यारे दोस्त सूरज प्रकाश ने मुंबई से फ़ोन पर सूचना दी कि आपने अपने महत्वपूर्ण ब्लॉग पर मेरी ऑडियो पुस्तक की सभी 19 कहानियां एम.पी फ़ॉर्मेट में प्रकाशित कर दी हैं। मैं आपके ब्लॉग के माध्यम से आदरणीय श्रीमती ज़कीया ज़ुबैरी को धन्यवाद देना चाहूंगा जिनकी संस्था एशियन कम्यूनिटी आर्ट्स ने कथा यू.के. के साथ मिल कर यह ऑडियो बुक बनवाई। मुझे पूरा विश्वास है कि आपके सुधि पाठक इन कहानियों का सुन कर आनन्द उठाएंगे। नूपुर ने तो अपनी प्रतिक्रिया लिख भी दी है। उसे धन्यवाद।
    एक टाइपिंग त्रुटि की ओर ध्यान दिलवाना चाहूंगा। न.9 पर जो कहानी है, उसका सही शीर्षक है - पापा की सज़ा। उसे कृपया ठीक कर लें।

    आपका

    तेजेन्द्र शर्मा, लन्दन।

    उत्तर देंहटाएं
  3. Raviratlaamji
    aapka dhanyawaad ki ek manch par tejendraji ki kahanian prstut ki.
    Devi nangrani

    उत्तर देंहटाएं
  4. sabhi kahaniya bahut rochak hain.धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  5. अरे वाह अब हम कहानियां सुन भी पाएंगे ।शुक्रिया

    उत्तर देंहटाएं

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