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नव वर्ष की कविताएँ

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बाल कविता

नव वर्ष

 

कृष्‍ण कुमार यादव

नव वर्ष की बेला आई

खुशियों की सौगातें लाई

नया कर गुजरने का मौका

सद्‌भावों की नौका लाई

नया वर्ष है, नया तराना

झूमो-नाचो, गाओ गाना

इस वर्ष संकल्‍प है अपना

नहीं किसी को है सताना

बदला साल, कैलेण्‍डर बदला

बदला है इस तरह जमाना

भेजो सबको स्‍नेह निमंत्रण

गाओ नव वर्ष का तराना।

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कृष्‍ण कुमार यादव

भारतीय डाक सेवा

वरिष्‍ठ डाक अधीक्षक

कानपुर मण्‍डल, कानपुर-208001

kkyadav.y@rediffmail.com

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चलो गरीबों नव वर्ष पर्व मनायें हम

 

नवल किशोर कुमार

क्षुधाग्‍नि के लपटों में जल जायें हम,

चलो गरीबों नव वर्ष पर्व मनायें हम।

दिन बीते या बीत जाये पूरा साल,

हम निरीहों का हरदम रहता हाल बेहाल,

भले दिवास्‍वप्‍न देखा करें हम महलों का,

हमारी लाश पर बनता महल अमीरों का।

बेजान कंधों पर असंख्‍य जिम्‍मेवारियां उठायें हम,

चलो गरीबों नव वर्ष पर्व मनायें हम।

किसने लूटा किसने छीना हमारा कौर,

अमीरों की दुनिया में कहां बचा हमारा ठौर,

हम मरते हैं भूख से तो मरते रहें,

उनका काम है लूठना जी भर हमें लूटते रहें।

लूटपाट के दौर में सर्वस्‍व खोने का जश्‍न मनायें हम,

चलो गरीबों नव वर्ष पर्व मनायें हम।

मेहनत हमारा हो और फल उन्‍हें मिलता रहे,

उपर वाले तेरी दुनिया यूं ही चलती रहे,

हैं आजाद हिंद के गुलाम हिन्‍दुस्‍तानी हम,

नेताओं की चक्‍की में सदा पीसते रहे हम,

भ्रष्‍ट शासकों के आत्‍माविहीन गण बन जायें हम,

चलो गरीबों नव वर्ष पर्व मनायें हम।

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नवल किशोर कुमार

ब्रहम्‍पुर, फुलवारीशरीफ, पटना-801505

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गीत

दीवारों पर बस कलैंडर बदला बदला है

वीरेन्‍द्र जैन

 

शाम वही थी सुबह वही है नया नया क्‍या है

दीवारों पर बस कलैंडर बदला बदला है

उजड़ी गली , उबलती नाली ,कच्‍चे कच्‍चे घर

कितना हुआ विकास लिखा है सिर्फ पोस्‍टर पर

पोखर नायक के चरित्र सा गंदला गंदला है

दीवारों पर बस कलैंडर बदला बदला है

दुनिया वही,वही दुनिया की है दुनियादारी

सुखदुख वही,वही जीवन की,है मारामारी

लूटपाट,चोरी मक्‍कारी धोखा घपला है

दीवारों पर बस कलैंडर बदला बदला है

शाम खुशी लाया खरीदकर ओढ़ ओढ़ कर जी

किंतु सुबह ने शबनम सी चादर समेट रख दी

सजा प्‍लास्‍टिक के फूलों से हर इक गमला है

दीवारों पर बस कलैंडर बदला बदला है

....................................................

वीरेन्‍द्र जैन

2/1 शालीमार स्‍टर्लिंग रायसेन रोड

अप्‍सरा टाकीज के पास भोपाल म.प्र.

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