शुक्रवार, 25 दिसंबर 2009

जगमोहन 'आज़ाद' की दो कविताएँ

image

1)
मुझे चांद नहीं चाहिए
एक युग वह था
जब कृष्ण ने
यशोदा से कहा था-
मां,मुझे चांद ला दो
मैं इसके साथ ही खेलूगा...।
एक युग यह है
जिसका कृष्ण-
मां से कह रहा है
वह जो आसामान में
गोल-गोल चमकता तारा है
रोटी नहीं बन सकता क्या?
मेरे लिए...।
तू मुझे वह चमकती रोटी ला दे मां...
ताकि! मैं भूख से लड़ सकूं
जिंदा रह सकूं-
समझाती है मां कृष्ण को
वह रोटी नहीं,चांद है बेटा
और
कृष्ण है कि हठकर बैठा है-
नहीं मां,मुझे चांद नहीं
रोटी चाहिए मां रोटी...।
-जगमोहन 'आज़ाद'

(2)
अक्षरधाम
अब्बास अली
बनाते थे फूलों की माला
अक्षरधाम में...।
माला
चढ़ाई जाती थी
भगवान के दरबार में
खुशी से
निहाल हो उठते थे...अब्बास अली
अक्षरधाम में...।
भगवान खुश थे
उसके भक्त को-
मिल रही थी रोटी दो जून की
मान-सम्मान और नमाज़
अक्षरधाम में...।
एक रात
अमानुष दरिंदों ने
जला डाली दुकान
मार डाला...अब्बास अली को-
टूट गई-बिखर गई-
वह फूलों की माला...
चढ़ाया जाना था जिन्हें
अक्षरधाम में...।
-

2 blogger-facebook:

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

------------------------------------------------------------

प्रकाशनार्थ रचनाएँ आमंत्रित हैं...

1 करोड़ से अधिक पृष्ठ-पठन, 1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक तथा 2000 से अधिक फ़ेसबुक प्रसंशक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को इंटरनेट के विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.किसी भी फ़ॉन्ट, टैक्स्ट, वर्ड या पेजमेकर फ़ाइल में रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------