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सोमवार, 7 जून 2010

सुकरात मृदुल की कविता

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दुःख सत्य और सुख भ्रम है

दुःख शक्ति है दुःख साहस है
दुःख रक्त है दुःख सक्त है
दुःख जीवन है दुःख ज्ञान है
दुःख अपनों की पहचान है
दुःख आधार है दुःख विचार है
दुःख है तो ये संसार है
दुःख नव युग का निर्माण है
दुःख आस है दुःख रिवाज़ है
दुःख आन है दुःख शान है
दुःख है तो स्वाभिमान है
दुःख आसूं है दुःख मुस्कान है
दुःख आवाज़ है दुःख अंदाज़ है
दुःख जीवन का एक साज है

दुःख उपदेश है दुःख सन्देश है

दुःख बारिश है दुःख तपिश है

दुःख तलवार है दुःख चमक है

दुःख अवतार है दुःख संसार है

दुःख ख़ामोशी है दुःख भाष है

दुःख एहसास है दुःख सांस है

दुःख सत्य का उछास है
दुःख साथी है दुःख आज़ादी है
जो दुःख को अपना मानते हैं
वह जीवन को जीना जानते हैं
दुःख सत्य है सुख भ्रम है .

सुकरात मृदुल

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