सोमवार, 7 जून 2010

सुकरात मृदुल की कविता

image

दुःख सत्य और सुख भ्रम है

दुःख शक्ति है दुःख साहस है
दुःख रक्त है दुःख सक्त है
दुःख जीवन है दुःख ज्ञान है
दुःख अपनों की पहचान है
दुःख आधार है दुःख विचार है
दुःख है तो ये संसार है
दुःख नव युग का निर्माण है
दुःख आस है दुःख रिवाज़ है
दुःख आन है दुःख शान है
दुःख है तो स्वाभिमान है
दुःख आसूं है दुःख मुस्कान है
दुःख आवाज़ है दुःख अंदाज़ है
दुःख जीवन का एक साज है

दुःख उपदेश है दुःख सन्देश है

दुःख बारिश है दुःख तपिश है

दुःख तलवार है दुःख चमक है

दुःख अवतार है दुःख संसार है

दुःख ख़ामोशी है दुःख भाष है

दुःख एहसास है दुःख सांस है

दुःख सत्य का उछास है
दुःख साथी है दुःख आज़ादी है
जो दुःख को अपना मानते हैं
वह जीवन को जीना जानते हैं
दुःख सत्य है सुख भ्रम है .

सुकरात मृदुल

2 blogger-facebook:

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

------------------------------------------------------------

प्रकाशनार्थ रचनाएँ आमंत्रित हैं...

1 करोड़ से अधिक पृष्ठ-पठन, 1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक तथा 2000 से अधिक फ़ेसबुक प्रसंशक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को इंटरनेट के विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.किसी भी फ़ॉन्ट, टैक्स्ट, वर्ड या पेजमेकर फ़ाइल में रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------