रचनाकार

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका

आकांक्षा यादव की पुस्तक समीक्षा : शिशु मन को भाता 'चूं-चूं'

Akshita-Chun-chun (Mobile)


बच्चों की दुनिया अलबेली और निराली है. यहाँ तक कि बड़े भी बच्चों के लिए रचते समय बच्चे ही बनकर लिख पाते हैं। राजस्थान के चर्चित बाल साहित्यकार दीनदयाल शर्मा बाल साहित्य के क्षे़त्र में निरन्तर अपनी कृतियों से बच्चों का मन मोहते रहे हैं और इसी कड़ी में उनके नवीनतम शिशु काव्य-संग्रह 'चूं-चूं' को देखा जाना चाहिए।

      16 पृष्ठीय इस शिशु काव्य संग्रह में कुल 14 शिशु गीत संकलित हैं। हर गीत चार पंक्ति का है और इसके साथ ही सुन्दर चित्र भी दिए गए हैं। आवरण पृष्ठ काफी आकर्षक है और इस पर अक्षिता (पाखी) का खूबसूरत चित्र लगाया गया है,  जो कि पुस्तक की भावना के अनुरूप है। पाखी माने पक्षी या चिड़िया होता है और चिड़िया चूं-चूं करती है। इस नजरिये से दीनदयाल शर्मा जी की पुस्तक का शीर्षक चूं-चूं मनभावन है। पर आवरण पृष्ठ पर अंकित होने के बावजूद पुस्तक में अक्षिता (पाखी) के नाम का जिक्र न होना थोडा अजीब सा लगता है.

संग्रह में विभिन्न जानवरों व पक्षियों के बोलने के अंदाज को बखूबी प्रस्तुत किया गया है, मसलन खों-खों करके /उछला बन्दर / जो जीते कहलाये सिकंदर. एक अन्य शिशु गीत देखें- टिउ-तिउ जब/ तोता बोला/ पिंकी ने/ पिंजरे को खोला. इसी प्रकार अन्य शिशु गीतों में बंदर, चूहा, तोता, चिड़िया, मुर्गा, घोड़ा, बिल्ली, मोर, बकरी, मेंढक, गधा, कुत्ता और शेर के ऊपर गीत शामिल हैं. एक शिशु गीत घंटी पर आधारित है, जिसमें शिशु-मन की ठिठोली भी देखी जा सकती है-टन-टन-टनन/ घंटी बोली/ हम सब/ करने लगे ठिठोली. इन गीतों में मनोरंजन है- में-में कर/ बकरी मिमियाई/ हमको भाती/ खूब मिठाई, तो सार्थक सन्देश भी- कुकड़ू कूं/ मुर्गे की बांग/ आलस को/ खूंटी पर टांग.

दीनदयाल शर्मा जी के शिशु-गीत, शिशु-मन को बारीकी से पकड़ते हैं। शिशु-मन एक ऐसे कच्चे घड़े के समान होता है, जिसे किसी भी रूप में ढाला जा सकता है। शिशु और बाल साहित्य उनमें शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के प्रति प्रवृत्त करते हैं- घोडा जोर से/ हिनहिनाया/ हमने/ अनुशासन अपनाया. इसी क्रम में देखें- टर्र-टर्र/ मेंढक टर्राया/ मेहनत से/ ना मैं घबराया. प्रकृति से काव्य का गहरा लगाव रहा है। कोई भी कवि प्रकृति के चित्रण के बिना अपने को अधूरा पाता है, फिर वह चाहे शिशु गीत ही क्यों न हो- चीं-चीं करके/ चिड़िया चहकी/ वातावरण में खुशबू महकी.

प्रस्तुत शिशु काव्य-संग्रह काफी आकर्षक एवं बच्चों को सरस व सहज रूप में समझ में आने वाली है, परन्तु संग्रह में प्रूफ सम्बन्धी त्रुटियाँ अखरती हैं. पृष्ठ संख्या 3 पर 'सिकंदर' को 'सिंकन्दर' , पृष्ठ संख्या 11 पर 'खूब' को 'खूग', पृष्ठ संख्या 12 पर 'हम' को 'इम' एवं पृष्ठ संख्या 15 पर 'झोंका' को 'झौंका' लिखा गया है. इसके बावजूद भाषा-प्रवाह में कोई बाधा नहीं आती और शिशु-गीतों के अनुरूप हर पृष्ठ पर अंकित सुन्दर चित्रों के चलते यह संग्रह बच्चों पर आसानी से प्रभाव छोड़ने में सक्षम दिखता है. सभी गीत शिशु-मन को भायेंगे और वे इसे बड़ी तल्लीनता से गुनगुनायेंगे. इस अनुपम शिशु काव्य-संग्रह हेतु दीनदयाल शर्मा जी को कोटिश: बधाई.

समालोच्य कृति- चूं-चूं (शिशु काव्य) /कवि- दीनदयाल शर्मा/ प्रकाशक-टाबर टोली, 10/22 आर. एच. बी., हनुमानगढ़ संगम, राजस्थान-335512/  आवरण चित्र- अक्षिता (पाखी) / प्रथम संस्करण- 2010/ पृष्ठ- 16 /  मूल्य- 30 रुपये/ समीक्षक- आकांक्षा यादव, प्रवक्ता, राजकीय बालिका इंटर कालेज, नर्वल, कानपुर-209401

---Akanksha.jpg (Mobile)

आकांक्षा यादव

नाम- आकांक्षा यादव

जन्‍म - 30 जुलाई 1982, सैदपुर, गाजीपुर (उ0 प्र0)

शिक्षा- एम00 (संस्‍कृत)

विधा- कविता, लेख, बाल कविताएं व लघु कथा।

प्रकाशन- देश की शताधिक प्रतिष्‍ठित पत्र-पत्रिकाओं- साहित्‍य अमृत, कादम्‍बिनी, नवनीत, इण्‍डिया टुडे स्‍त्री, युगतेवर, आजकल, उत्‍तर प्रदेश, इण्‍डिया न्‍यूज, रायसिना, दैनिक जागरण, जनसत्‍ता राष्‍ट्रीय सहारा, अमर उजाला, स्‍वतंत्र भारत, राजस्‍थान पत्रिका, अमर उजाला कांपैक्‍ट, आज, गोलकोेण्‍डा दर्पण, युद्धरत आम आदमी, अरावली उद्‌घोष, दलित टुडे, मूक वक्‍ता, सबके दावेदार, प्रगतिशील आकल्‍प, शोध दिशा, कुरूक्षेत्र संदेश, साहित्‍य क्रांति, साहित्‍य परिवार, साहित्‍य परिक्रमा, साहित्‍य जनमंच, साहित्‍यांचल, सामान्‍यजन संदेश, समाज प्रवाह, राष्‍ट्रधर्म, सेवा चेतना, तुलसी प्रभा, कृतिका, समकालीन अभिव्‍यक्‍ति, प्रतिश्रुति, झंकृति, अपरिहार्य, सरस्‍वती सुमन, शब्‍द, लोक गंगा, रचना कर्म, नवोदित स्‍वर, आकंठ, प्रयास, गृहलक्ष्‍मी, गृहशोभा, मेरी संगिनी, वुमेन अॉन टॉप, अनंता, बाल साहित्‍य समीक्षा, बालवाटिका, बाल प्रहरी, वात्‍सल्‍य जगत, जगमग दीप ज्‍योति, प्रज्ञा, पंखुड़ी, लोकयज्ञ, समाज प्रवाह, कथाचक्र, नारायणीयम्‌, मयूराक्षी, चांस, गुफ्‍तगू, मैसूर हिन्‍दी प्रचार परिषद पत्रिका, हिन्‍दी प्रचार वाणी, हिन्‍दी ज्‍योति बिंब, गुर्जर राष्‍ट्रवीणा, केरल ज्‍योति, भारतवाणी, भाषा स्‍पंदन, श्री मिलिंद, कल्‍पान्‍त, अहल्‍या, सामर्थ्‍य, हरसिंगार, हम सब साथ-साथ, सांस्‍कृतिक टाइम्‍स, नवनिकष, नये पाठक, प्रेरणा अंशु, सोच विचार, कंचनलता, पनघट, राष्‍ट्रसेतु, शोध प्रभांजलि, शोध दिशा, समय के साखी, आपका आईना, हिमखण्‍ड, हिंद क्रान्‍ति, दस्‍तक टाइम्‍स, इत्‍यादि में रचनाओं का प्रकाशन। एक दर्जन से अधिक स्‍तरीय काव्‍य संकलनों में कविताएं संकलित। अंतर्जाल पर सृजनगाथा, अनुभूति, साहित्‍यकुंज, साहित्‍यशिल्‍पी, रचनाकार, हिन्‍दी नेस्‍ट, ह्रिन्‍द युग्‍म कलायन, स्‍वर्गविभा, कथाव्‍यथा इत्‍यादि वेब-पत्रिकाओं पर रचनाओं का प्रकाशन। ‘‘शब्‍द शिखर‘‘ ‘‘उत्‍सव के रंग‘‘ ब्‍लॉग का संचालन।

सम्‍पादन- ''क्रान्‍ति यज्ञ ः 1857-1947 की गाथा'' पुस्‍तक में सम्‍पादन सहयोग।

सम्‍मान-साहित्‍य गौरव, काव्‍य मर्मज्ञ, साहित्‍य श्री, साहित्‍य मनीषी, शब्‍द माधुरी, भारत गौरव, साहित्‍य सेवा सम्‍मान, महिमा साहित्‍य भूषण, देवभूमि साहित्‍य रत्‍न, ब्रज-शिरोमणि, उजास सम्‍मान, काव्‍य कुमुद, सरस्‍वती रत्‍न इत्‍यादि सम्‍मानों से अलंकृत। राष्‍ट्रीय राजभाषा पीठ इलाहाबाद द्वारा ''भारती ज्‍योति'' एवं भारतीय दलित साहित्‍य अकादमी द्वारा ‘‘वीरांगना सावित्रीबाई फुले फेलोशिप सम्‍मान‘‘

विशेष- ‘‘बाल साहित्‍य समीक्षा‘‘ (सं0-डॉ0 राष्‍ट्रबन्‍धु, कानपुर नवम्‍बर 2009) द्वारा बाल-साहित्‍य पर विशेषांक प्रकाशन।

रुचियाँ- रचनात्‍मक अध्‍ययन व लेखन। नारी विमर्श, बाल विमर्श एवं सामाजिक समस्‍याओं सम्‍बन्‍धी विषय में विशेष रुचि।

सम्‍प्रति - प्रवक्‍ता, राजकीय बालिका इण्‍टर कॉलेज, नरवल, कानपुर (उ0प्र0)- 209401

सम्‍पर्क- आकांक्षा यादव, टाइप अ क्‍वार्टर, हॉर्टीकल्‍चर रोड, हैडो, पोर्टब्‍लेयर, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह .744102

ईमेल - kk_akanksha@yahoo.com ब्लॉग:  www.shabdshikhar.blogspot.com

विषय:

एक टिप्पणी भेजें

बच्‍चों के लिये यह प्‍यारा तोहफा है, बधाई ।

मेरी शिशु काव्य कृति "चूँ चूँ " की सटीक समीक्षा के लिए सर्वप्रथम श्रद्देय आकांक्षा यादव जी को बहुत बहुत धन्यवाद.. पुस्तक के आवरण पृष्ठ पर प्रकाशित चित्र पाखी (अक्षिता पुत्री श्री के. के . यादव जी और श्रीमती आकांक्षा यादव जी ) का पुस्तक में ना कोई जिक्र कर पाया और ना ही आभार व्यक्त किया...पुस्तक के भीतर के चित्रों की चित्रकार तरुणा बाहरी, जयपुर का भी जिक्र नहीं कर पाया..मेरी बहुत बड़ी ग़लती रह गई है कृपया पाखी और उसके मम्मी पापा मुझे क्षमा करें..उत्कृष्ट चित्रकार तरुणा भी क्षमा करें......अगले संस्करण में इन गलतियों को सुधार लूँगा.. पृष्ठ 3 , 11 , 12 व 15 पर चार शब्द भी गलत छ्प गये.....इन्हें भी दुरुस्त कर लूँगा.. आशा करता हूँ कि मुझे क्षमा कर दिया होगा..क्षमा करने वाला बड़ा होता है.....पुस्तक की समीक्षा प्रकाशित करने के लिए रचनाकार ब्लॉग संचालक ..... श्रद्देय रवि जी को बधाई. साफ़ सुथरी समीक्षा के लिए आकांक्षा यादव जी को फिर से बधाई...

itni pyari pyaari pustak ke liye bahut bahut badhaai ...

sunder samiiksha. sharma jii ko badhai.

बढ़िया समीक्षा..

दीनदयाल शर्मा अंकल जी ने अपनी पुस्तक 'चूं-चूं' के कवर-पेज पर मेरी फोटो लगाई...इसके लिए उनका बहुत-बहुत धन्यवाद और प्यार.

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.अपनी रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

रचनाकार में ढूंढें...

आपकी रूचि की और रचनाएँ -

randompost

कहानियाँ

[कहानी][column1]

हास्य-व्यंग्य

[व्यंग्य][column1]

लघुकथाएँ

[लघुकथा][column1]

कविताएँ

[कविता][column1]

बाल कथाएँ

[बाल कथा][column1]

लोककथाएँ

[लोककथा][column1]

उपन्यास

[उपन्यास][column1]

तकनीकी

[तकनीकी][column1][http://raviratlami.blogspot.com]

वर्ग पहेलियाँ

[आसान][column1][http://vargapaheli.blogspot.com]
[blogger][facebook]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget