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योगेन्द्र वर्मा ‘व्योम' के नवगीत

नवगीत  1

किसको चिन्ता किस हालत में
कैसी है अब माँ

सूनी आँखों में पलती हैं
धुंधली आशाएँ
हावी होती गईं फ़र्ज़ पर
नित्य व्यस्तताएँ
जैसे खालीपन काग़ज़ का
वैसी है अब माँ

नाप-नापकर अंगुल-अंगुल
जिनको बड़ा किया
डूब गए वे सुविधाओं में
सब कुछ छोड़ दिया
ओढ़े-पहने बस सन्नाटा
ऐसी है अब माँ

फ़र्ज़ निभाती रही उम्र-भर
बस पीड़ा भोगी
हाथ-पैर जब शिथिल हुए तो
हुई अनुपयोगी
धूल चढ़ी सरकारी फाइल
जैसी है अब माँ

नवगीत 2

नित्य आत्महत्या करती हैं
इच्छाएँ सारी

आय अठन्नी खर्च रुपैया
इस महँगाई में
बड़की की शादी होनी है
इसी जुलाई में
कैसे होगा ? सोच रहा है
गुमसुम बनवारी

बिन फोटो के फ्रेम सरीखा
यहाँ दिखावा है
अपनेपन का विज्ञापन-सा
सिर्फ़ छलावा है
अपने मतलब की खातिर नित
नई कलाकारी

हर पल अपनों से ही सौ-सौ
धोखे खाने हैं
अंत समय तक फिर भी सारे
फ़र्ज़ निभाने हैं
एक अकेला मुखिया घर की
सौ ज़िम्मेदारी

नवगीत 3

धीरे-धीरे सूख रही है
तुलसी आँगन में

पछुवा चली शहर से, पहुँची
गाँवों में घर-घर
एक अजब सन्नाटा पसरा
फिर चौपालों पर
मिट्टी से जुड़कर बतियाना
रहा न जन-जन में

स्वांग, रासलीला, नौटंकी,
नट के वो करतब
एक-एक कर हुए गाँव से
आज सभी गायब
कहाँ जा रहे हैं हम, ननुआ
सोच रहा मन में

नये आधुनिक परिवर्तन ने
ऐसा भ्रमित किया
जीन्स टॉप में नई बहू ने
सबको चकित किया
छुटकी भी घूमा करती नित
नूतन फ़ैशन में

नवगीत 4

उलझी वर्ग पहेली जैसा
जीवन का हर पल

मन पर हावी हुईं कभी जब
भूखी इच्छाएँ
अस्त -व्यस्त -सी रहीं नित्य ही
सब दिनचर्याएँ
अब है केवल अवसादों का
दलदल ही दलदल

झूठी शान दिखाने की
ऐसी मारा-मारी
कुछ सुविधाओं की एवज में
कर्ज़ चढ़ा भारी
सिर्फ़ तनावों का मरुथल है
कहीं न दिखता जल

ढुलमुल अर्थव्यवस्था के
गहरे गड्‌ढे पग-पग
आश्वासन के खड़े कंगूरे
भी डगमग-डगमग
इन चुभते प्रश्नों को बोलो
कौन करेगा हल

---

नाम ः योगेन्द्र. कुमार वर्मा
साहित्यिक नाम ः    ‘व्यो्म'
पिता का नाम ः स्व50 श्री देवराज वर्मा
जन्म तिथि ः    09ण्‍09ण्‍1970
शिक्षा ः बी.कॉम.
सृजन ः गीत, ग़ज़ल, मुक्तक, दोहे, कहानी, संस्मरण आदि
कृति ः इस कोलाहल में (काव्य-संग्रह)
प्रकाशन ः प्रमुख राष्ट्री़य समाचार पत्रों, साहित्यिक पत्रिकाओं
तथा अनेक काव्य-संग्रहों में रचनाओं का प्रकाशन
प्रसारण ः आकाशवाणी रामपुर से अनेक बार कविता कार्यक्रम
प्रसारित
सम्प्रति ः लेखाकार (कृषि विभाग, उ0प्र0)
विशेष ः संयोजक - साहित्यिक संस्था ‘अक्षरा' , मुरादाबाद
सम्मान ः काव्य संग्रह ‘इस कोलाहल में' के लिए भाऊराव देवरस सेवा न्यास
लखनऊ द्वारा ‘पं0 प्रताप नारायण मिश्र स्मृति सम्मान-2009'
पत्राचार एवं स्थायी पताः ।स्‍.49, सचिन स्वीट्‌स के पीछे, दीनदयाल नगर फेज़-प्रथम्‌,
काँठ रोड, मुरादाबाद-244001 (उ0प्र0)
ई-मेल ः   vyom70@yahoo.in

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