बुधवार, 25 अगस्त 2010

दीनदयाल शर्मा की बाल कविताएँ

Rajasthani Hindi child writer Deendayal Sharma. 1 JPG

इधर-उधर

इधर-उधर क्या देख रहो हो।
आओ मिलकर काम करें हम।।
बात-बात पर झगड़ रहे हो।
आओ मिलकर काम करें हम।।
झगड़ा बढिय़ा बात नहीं है।
आओ मिलकर काम करें हम।।
काम से कभी न कतराएँ हम।
आओ मिलकर काम करें हम।।
काम होगा, नाम भी होगा।
आओ मिलकर काम करें हम।।

 

ओ चिड़िया

ओ चिड़िया तुम कितनी प्यारी ।
साधारण-सी शक्ल तुम्हारी ।।
चीं-चीं कर आँगन में आतीं ।
सब बच्चों के मन को भातीं ।।
भोली और लगतीं मासूम ।
जी करता तुमको लूँ चूम ।।
भाँति-भाँति के न्यारे-न्यारे ।
जीव-जंतु जहाँ रहते हैं सारे ।।
घर आपका हम सबको भाए ।
तभी तो चिडिय़ाघर कहलाए ।।

-अध्यक्ष, राजस्थान बाल कल्याण परिषद, हनुमानगढ़ - 335512 

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