संजय दानी की ग़ज़लें

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ये सुलगते हुए दिल की दास्तां है ,

मेरे रग रग में यारों धुआं धुआं है।

 
दर्द गम तीरगी से सजी है महफ़िल,

आज तनहाई ही मेरा पासबां है।

 
चांदनी का मुझे इन्तज़ार तो है ,

पर घटाओं से लबरेज़ आसमां है ।

 
कांच का घर बनाकर परीशां हूं मैं,

शह्र वालों के हाथों में गिट्टियां है।

 
ये मकाने मुहब्बत है तिनकों का ,

पर ज़माने की नज़रों में आंधियां है ।

 
ज़ख्मों की पालकी झुनझुना बजाती,

मेरी गज़लों की तहरीर बे-ज़ुबां है।

 
ऐ ब्रितानी समन्दर बदल ले रस्ता ,

खूने-झांसी से तामीर कश्तियां है।

 
मुल्क खातिर जवानी में बे-वफ़ा था,

दौरे-पीरी शहादत में मेरी हाँ है।

 
कब से बैठा हूँ रिन्दगाह में,

दानी अब तो बताओ खुदा कहाँ है।

 


असमां से मेरी दुश्मनी नहीं है ,
मेरे घर में मगर रौशनी नहीं है।

 
चाँद को छत पे उतरा तो हूँ ,
साथ उसके मगर चांदनी नहीं है ।

 
मै खुदा बनने की कर रहा हूँ कोशिश ,
मेरे अंदर अभी आदमी नहीं है ।

 
रोज़ करता हूँ मझधार की इबादत ,
साहिलों के लिए बंदगी नहीं है ।

 
और की ख्वाहिश में भटक चुके हैं हम सब ,
जबकि हमको ज़रा भी कमी नहीं है।

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6 टिप्पणियाँ "संजय दानी की ग़ज़लें"

  1. बेनामी3:09 am

    अच्छे अश’आर हैं।

    चाँद को छत पे उतरा तो हूँ ,

    शायद टाइप की गलती हो गयी है उपरोक्त्त पंक्ति में

    चाँद को छत पे उतारा तो है,

    ज्यादा सही लगता है, अर्थ में और शब्द संयोजन में

    उत्तर देंहटाएं
  2. क्या बात है ! भाव संपन्न ग़ज़ल पढ़वाने हेतु आभार।
    सद्भावी -डॉ० डंडा लखनवी

    उत्तर देंहटाएं
  3. संजय दानी साहब से उनकी गजलों के माध्यम से परिचय कराने का आभार । बहुत खूब लिखते हैं ।

    कांच का घर बनाकर परीशां हूं मैं,

    शह्र वालों के हाथों में गिट्टियां है।


    ये मकाने मुहब्बत है तिनकों का ,

    पर ज़माने की नज़रों में आंधियां है ।
    और ये भी
    मै खुदा बनने की कर रहा हूँ कोशिश ,
    मेरे अंदर अभी आदमी नहीं है ।

    धन्यवाद इतनी खूबसूरत गजलें पढवाने का ।

    उत्तर देंहटाएं
  4. डा:महेश सिन्हा, श्रीमती आशा जोगलेकर जी,डा: ददा लखनवी जी व स्वारथ जी को हौसला अफ़ज़ाई के लिये सादर धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं
  5. स्वारथ जी आपने सही पकड़ा ,उस पंक्ति में टायपिंग मिस्टेक है,
    "चांद को छत पे उतारा तो हूं" की जगह चांद को छत पे उतरा तो हूं। ग़लती के लिये खेद व ग़लती बताने के लिये कोटिश धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं

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