सोमवार, 30 अगस्त 2010

क़ैस ज़ौनपुरी की कविता - मंदिर

कविता.

मंदिर

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मैं अपने रास्‍ते से

जा रहा था

रास्‍ते में देखा

एक मंदिर था

किसी देवी का

लाल रंग से पुती हुई

चुनरी में लिपटी हुई

मैंने सिर झुका लिया

आते-जाते, जहां भी

मंदिर देखता हूं

सिर झुका लेता हूं

 

लेकिन क्‍या हुआ कि

कुछ लिखा था, जो

मैंने पढ़ लिया

अब जब पढ़ लिया

तो पूरा पढ़ लिया

लिखा था

श्री चौरामाई मंदिर

सुन्‍दरपुर, वाराणसी

अध्‍यक्ष - त्रिभुवन सिंह

कोशाध्‍यक्ष - संजय सिंह

उपाध्‍यक्ष - प्रभाकर दुबे

उपप्रबन्‍धक - अषोक कुमार पटेल

आय-व्‍यय निरीक्षक - मुन्‍ना लाल सिंह

रजिस्‍टर्ड - 841

प्रबन्‍ध समिति

आपका हार्दिक

स्‍वागत करता है.

प्रबन्‍धक - लालचन्‍द प्रसाद

 

मैंने सोचा

चलो....क्‍या करना है....?

हमें तो बस सिर झुकाना है

मगर सिर झुकाने के बाद

जब सिर उठाया, तो भी

कुछ था, लिखा हुआ

कुछ था, पढ़ने के लिए

स्‍वर्गीय बच्‍चा लाल श्रीवास्‍तव

द्वारा भेंट (ग्रिल)

मतलब, मंदिर का दरवाजा

इन्‍होंने लगवाया था

मुझे तो यही समझ में आया

फिर भी, मैंने अपना ध्‍यान हटाया

सिर्फ चौरामाई को देखा

वहां भी

चौखट पर लिखा था

जय माता दी

जय चौरामाई

और वहीं बगल में

संगमरमर के पत्‍थर पर

खुदाई करके

लिखी गई थी

दानदाताओं की सूची

रामप्रसाद - 101 रुपया

जयदेव सिंह - 290 रुपया

कन्‍हैया लाल - 100 रुपया

.................. - ...................

................... - ..................

.................... - .................

- क़ैस ज़ौनपुरी.

(टीप - कविता में दिए गए स्थान व व्यक्तियों के नाम पूर्णतः काल्पनिक हैं, और किसी जीवित-मृत व्यक्ति से संबंधित नहीं हैं)

4 blogger-facebook:

  1. kais jaunpuree jee kamaal hai aapako devi maan ke aage sir jhukaane ke baad bhee daan daataaon aur mainejment kamiti ke sadsyon ke naam tak yaad ho gaye ! main bhee kahee mandiron men sir jhukaane jaataa hoon, sangmarmar ke pattharon par likhe naamon ko padhtaa hoon, par bhool jaataa hoon ! bilkul sahee aur satik kavita, badhaaee !

    उत्तर देंहटाएं
  2. मजेदार कविता हैं| बोहोत खूब कटाक्ष किया हैं आपने|

    - यावर

    उत्तर देंहटाएं
  3. Harendra ji,

    Aakhiri line nai padhi aapne...!

    कविता में दिए गए स्थान व व्यक्तियों के नाम पूर्णतः काल्पनिक हैं, और किसी जीवित-मृत व्यक्ति से संबंधित नहीं हैं.

    उत्तर देंहटाएं
  4. ACHA LIKHA MUJKO BAHUT HI ACHA LAGA ,

    उत्तर देंहटाएं

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