शुक्रवार, 1 अक्तूबर 2010

मंजरी शुक्ल का प्रेम गीत – जब दिल ने पुकारा तुमको

 manjari shukla (Mobile)

जब दिल ने पुकारा तुमको

तुम्हें सामने ही पाया

जब भी लिखा ख़त तुमको

तुम्हें सामने ही पाया

 

हर सुबह तुम्हें देखा

हर शाम तुम्हें चाहा

तू साथ है मेरे जैसे

जैसे मेरा कोई साया

आइना जब शरमाया

तुम्हें सामने ही पाया

जब भी लिखा ख़त तुमको

तुम्हें सामने ही पाया

 

सुबह की हलकी लाली में

शाखों की हर इक डाली में

इतराती हवा की सर-सर में

क्या अम्बर और क्या जल में

चाँद जब निकल आया

तुम्हें सामने ही पाया

 

जब भी लिखा ख़त तुमको

तुम्हें सामने ही पाया

जब दिल ने पुकारा तुमको

तुम्हें सामने ही पाया

जब भी लिखा ख़त तुमको

तुम्हें सामने ही पाया

---

डॉ. मंजरी शुक्ल

श्री समीर शुक्ल

सेल्स ऑफिसर (एल.पी.जी.)

इंडियन ऑइल कॉरपोरेशन

गोरखपुर ट्रेडिंग कंपनी

गोलघर

गोरखपुर (उ.प्र.)

पिन - २७३००१

17 blogger-facebook:

  1. चांद जब निकल आया
    तुझे सामने ही पाया
    कोमल भावनाओं को चित्रित करता अच्छा गीत

    उत्तर देंहटाएं
  2. मंजरी जी
    वन्दे मातरम.
    आपका गीत देखा. आपमें प्रतिभा है किन्तु उसे आपको ही तराशना-निखारना होगा. गीति-काव्य के नियमों को जानें... रचना को बार-बार गुनगुनाएँ... जहाँ शब्द को सामान्य से अधिक खींचना या समेटना पड़े समझ लें कि वहीं बदलना है. सामान्यतः हर पंक्ति का पदभार (वज्न) समान हो. गीत में मुखड़ा / स्थाई का पदभार एक समान हो. अंतरों का पदभार समान हो. मुखड़े तथा अंतरे का पदभार सामान भी हो सकता है, भिन्न भी. यह भी देखें कि एक रचना में संबोधन एक से हों. लिंग, वचन कर्ता-क्रिया तथा कारक का भी ध्यान रहे. मात्रा गणना के नियम देखिये.

    हर सुबह तुम्हें देखा = १२ मात्राएँ

    हर शाम तुम्हें चाहा = १२ मात्राएँ

    तू साथ है मेरे जैसे = १५ मात्राएँ (तुम साथ रहे जैसे = १२ मात्राएँ)

    जैसे मेरा कोई साया = १६ मात्राएँ यहाँ 'जैसे' को दुहराने की ज़रुरत नहीं है, हटा दें तो मात्राएँ १२ हो जाएंगी.

    यहाँ 'तू' शेष संबोधनों से भिन्न है. इसे 'तुम साथ हो मेरे जैसे' कर देने से ठीक किया जा सकता है.
    आप मूल रचना तथा उक्त परिवर्तन को बार-बार पढ़ें तो देखेंगी कि पहले पंक्तियों को पढ़ने में कम-अधिक समय लगा रहा था जबकि परिवर्तन के बाद समान समय लग रहा है. इससे गीत की गेयता, लय तथा सरसता बढ़ती है.
    विचार कर देखिये... उचित न लगे तो परिवर्तन भूल जाइए, उचित लागे तो अपनाइए. .

    उत्तर देंहटाएं
  3. "प्यार की शाम ढली, आशियां दिल का जला,
    मुझको आवाज न दे, तेरी दुनिया से चला।
    कोई उम्मीद नहीं, कोई अरमान नहीं,
    प्यार का दिल में मेरे, कोई तूफ़ान नहीं,
    राख का ढेर बना, मेरे ख्वाबों का महल,
    हाय बेरंग हुए, आरजुओं के कंवल,
    दीप यादों के बुझे, आस दम तोड़ गई,
    मेरे होठों की हंसी, मुझसे मुंह मोड़ गई,
    मैं तो बरबाद हुआ, हो मगर तेरा भला,
    मुझको आवाज न दे, तेरी दुनिया से चला"


    शुरुआती लाईन्स बिल्कुल सही हैं, पैरे में कुछ गलतियाँ हो सकती हैं। मैंने बहुत खोजा है इस गीत को, नहीं मिला। आपका लेख पढ़कर फ़िर से कोशिश की है, आप जुड़ी रही हैं आकाशवाणी से, समयकाल भी लगभग वही है। अगर संभव हो सके तो कुछ जानकारी दीजियेगा, आपके सोर्सेज़ हम जैसे लोगों से तो ज्यादा ही होंगे। धन्यवाद दे रहा हूँ, अगर गीत मिल जायेगा तो एक बार और धन्यवाद दे दूँगा। आभार

    उत्तर देंहटाएं
  4. दिल से लिखी एक अच्छी कविता। रचनाकारा को बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  5. अच्छी रचना.
    सलिल जी का बहुत बहुत धन्यवाद...हम भी कुछ ज्ञान पा गए मुफ्त में.:)

    उत्तर देंहटाएं
  6. तस्वीर और गीत दोनो धाँसू हैं!

    उत्तर देंहटाएं
  7. बेनामी6:31 pm

    Thank you Dr. Manjri Shukl for your song

    उत्तर देंहटाएं
  8. बेनामी6:18 pm

    Dr. Manjri Shukl is the best writer. Her song "Jab Dil ne pukara tumko" is the best song. Thank you for her song. I think, Dr. Manjri is a woman who has a positive nature and believe in natural calamities, like air, water, plants, trees, forests, animals, birds and also in human beings. The welfare of the poor in the society should be the main aim of the writer. I am a Govt. servant and I also writes songs, gazhas, poems, short stories that touches with the common man. I also want to publish the same but I could not find the way till now. Please give me the right way.

    Suresh e-mail - sureshcbi2009@yahoo.com

    उत्तर देंहटाएं
  9. Unke Aate-Aate kuch bekar likh rakhooN Main,
    maiN jaanta hooN jo woh likhenge bas jawaab nahi.....

    bahut acha likha hai aapne....

    Regards
    Brajendra Singh

    उत्तर देंहटाएं
  10. Suresh Chand6:30 pm

    A song 'Jab dil ne pukara' by Dr.Manjri Shukl is the best song. Thank you.

    उत्तर देंहटाएं
  11. जब भी लिखा ख़त तुमको

    तुम्हें सामने ही पाया


    behtareen...
    Acharya Sanjeev jee ke samjhaye baato par ab main khud bhi amal karna pasand karunga.. dhanyawad sir... itne achchhe dhang se batane ke liye!

    उत्तर देंहटाएं
  12. कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं ,
    तुम कह देना कोई ख़ास नहीं .
    एक दोस्त है कच्चा पक्का सा ,
    एक झूठ है आधा सच्चा सा .
    जज़्बात को ढके एक पर्दा बस ,
    एक बहाना है अच्छा अच्छा सा .
    जीवन का एक ऐसा साथी है ,
    जो दूर हो के पास नहीं .
    कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं ,
    तुम कह देना कोई ख़ास नहीं .
    हवा का एक सुहाना झोंका है ,
    कभी नाज़ुक तो कभी तुफानो सा .
    शक्ल देख कर जो नज़रें झुका ले ,
    कभी अपना तो कभी बेगानों सा .
    जिंदगी का एक ऐसा हमसफ़र ,
    जो समंदर है , पर दिल को प्यास नहीं .
    कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं ,
    तुम कह देना कोई ख़ास नहीं .
    एक साथी जो अनकही कुछ बातें कह जाता है ,
    यादों में जिसका एक धुंधला चेहरा रह जाता है .
    यूँ तो उसके न होने का कुछ गम नहीं ,
    पर कभी – कभी आँखों से आंसू बन के बह जाता है .
    यूँ रहता तो मेरे तसव्वुर में है ,
    पर इन आँखों को उसकी तलाश नहीं .
    कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं ,
    तुम कह देना कोई ख़ास नहीं
    ….. आपका एक दोस्त

    उत्तर देंहटाएं
  13. जब भी लिखा ख़त तुमको

    तुम्हें सामने ही पाया


    behtareen...

    उत्तर देंहटाएं

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