शनिवार, 30 अक्तूबर 2010

पूजा तोमर की रचना – मेरा परिचय

*****मेरा परिचय*****

POOJA

मत पूछो मैं क्या हूं?

मेरा परिचय देती है मेरी कलम

 

जहां सबका कारवां होता है खतम

वहीं से बढ़ते हैं मेरे कदम

 

हर उस इन्सां की कद्र करती हूं

गैरों के लिये होती है जिनकी आंखें नम

 

मैं अभी अंजान हूं रास्तों से तो क्या

जान जाऊंगी अभी ही तो लिया है जनम

 

हर शख्स काबिलीयत रखता है

कोई ज्यादा तो कोई थोड़ा कम

 

किसी का साथ नसीब देता है

तो किसी की निभा जाती है कलम

 

जब भी करती हूं कुछ नया

दिल कहता है "पूजा" तुझमें है दम

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8 blogger-facebook:

  1. Aatmvishvas se pripoorn ek aashavadi rachna ke liye badhai...Atyuttam rachna ! aabhar !!

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  2. किसी का साथ नसीब देता है
    तो किसी की निभा जाती है कलम
    जब भी करती हूं कुछ नया
    दिल कहता है "पूजा" तुझमें है दम
    EXCELLENT LINES.
    THIS IS THE FAITH AND TRUTH OF LIFE
    PENNED VERY WELL

    उत्तर देंहटाएं
  3. pradeep ji kehte ki agar acche log aur himmat ho to sab ho jata hai himmat to hai bas acche logo ka saath mil jaye............

    उत्तर देंहटाएं
  4. acharya ramesh sir ji aapne mujhe pada mere liye isse accha kuch nahi ho sakta thanks koi galti karo to bata dijiyega

    उत्तर देंहटाएं
  5. harendra ji aapna kimti time dekar padne ke liye dil se sukriya

    उत्तर देंहटाएं

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