मंगलवार, 2 नवंबर 2010

संजय दानी की दो ग़ज़लें

दिल के दीवारों की, आशिक़ को नसीहत,
इश्क़ के सीमेन्ट से ढह जाये ना छत।

 
रेत भी गमगीं नदी का हो तो अच्छा,
सुख का दरिया करता है अक्सर बग़ावत।

 
सब्र का सरिया बिछाना दिल के छत पे,
छड़, हवस की कर न पायेगी हिफ़ाज़त।

 
प्लास्टर विश्वास के रज का लगा हो,
खिड़कियों के हुस्न से टपके शराफ़त।

 
सारे दरवाज़े, मिजाज़ों से हों नाज़ुक,
कुर्सियों के बेतों से झलके नफ़ासत।

 
कमरों में ताला सुकूं का ही जड़ा हो,
फ़र्श लिखता हो मदद की ही इबारत।

 
दोस्ती की धूप हो,आंगन के लब पे,
गली में महफ़ूज़ हो चश्मे-मुहब्बत।

 
सीढ़ियों की धोखेबाज़ी, बे-फ़लक हो,
दीन के रंगों से खिलती हो इमारत।

 
मेहनत का हो धुंआ दानी किचन में,
रोटियों की जंग में, टूटे न वहदत।

वहदत—एकता।

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देख मुझको, उसके चेहरे पे हंसी है,
प्यासा सहरा मैं, उफनती वो नदी है।

 
राहे-सब्रे- इश्क़ का इक मुसाफ़िर मैं,
वो हवस के रास्तों पर चल रही है।

 
सौदा उसका बादलों से पट चुका है,
वो अंधेरों में शराफ़त ढूंढती है।

 
दिल पहाड़ों को मैंने कुर्बां किया है,
सोच में उसकी उंचाई की कमी है।

 
दिलेआशिक़ तो झिझकता इक समंदर,
हुस्न की कश्ती अदाओं से भरी है।

 
सोया हूं वादों के चादर को लपेटे,
खाट धोखेबाज़ी से हिलने लगी है।

 
महलों सा बेख़ौफ़ तेरा हुस्न हमदम,
इश्क़ की ज़द में डरी सी झोपड़ी है।


दिल के दर को खटखटाता  ज़ुल्म तेरा,
दुश्मनी के दायरे में दोस्ती है।

 
होली का त्यौहार आने वाला है फिर,
उनकी आंखों की गली में दिल्लगी है।

 
दिल का मंदिर खोल कर रखती वो जब से,
दानी , कोठों की दुआएं थम गई हैं ।

5 blogger-facebook:

  1. क्या बात है दानी जी. नये प्रतीकों का खूबसूरत प्रयोग

    उत्तर देंहटाएं
  2. दिल पहाड़ों को मैंने कुर्बां किया है,
    सोच में उसकी उंचाई की कमी है।
    kya baat hai!

    उत्तर देंहटाएं
  3. रेत भी गमगीं नदी का हो तो अच्छा,
    सुख का दरिया करता है अक्सर बग़ावत।
    Kya kamal kaa likha hai!

    उत्तर देंहटाएं
  4. दिल के दर को खटखटाता ज़ुल्म तेरा
    दुश्मनी के दायरे में दोस्ती है।

    दोनों ग़ज़लें मन पर गहरा प्रभाव छोड़ती हैं

    आपको एवं आपके परिवार को दीपावली की शुभकामनाएं।दिल के दर को

    उत्तर देंहटाएं
  5. Indian citizen के आक़ा, कश्माजी ,महेन्द्र वर्मा जी के हाथों पे शुक्रिया का गु्लदश्ता , माथे पे आभार का चन्दन और दिल से दीप पर्व की शुभकामनायें।

    उत्तर देंहटाएं

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