मंगलवार, 28 दिसंबर 2010

असग़र वजाहत का नया कहानी संग्रह - यही तो डेमोक्रेसिया है, भइया

asghar wajahat

लोकप्रिय कथाकार असग़र वजाहत का नया कहानी संग्रह है - यही तो डेमोक्रेसिया है भइया. इस कथा संग्रह की एक ख़ास कहानी दिल की दुनिया आप पढ़ें ई-स्निप पर असग़र वजाहत की अपनी स्वयं की पांडुलिपि में -यहाँ पर.

असग़र वजाहत ने इस कहानी संग्रह के लिए एक लंबी भूमिका भी लिखी है. इसे भी आप उनकी स्वयं की पांडुलिपि में ई-स्निप पर यहाँ पढ़ सकते हैं.

असग़र वजाहत के दो अन्य ताज़ा आलेख - मुसलमानों की पीड़ा यहाँ पर पढ़ें तथा शहरयार पर लिखा उनका संस्मरणात्मक आलेख यहाँ पर पढ़ें.

आप चाहें तो इन पीडीएफ़ ई-किताबों को उन्हीं कड़ियों में दिए  डाउनलोड  लिंक से डाउनलोड कर अपने कंप्यूटर / मोबाइल / आई-पैड पर भी पढ़ सकते हैं.

टीप : यदि कोई पाठक इनमें से किसी पांडुलिपि को यूनिकोड हिंदी अथवा हिंदी के किसी भी फ़ॉन्ट में टाइप कर सकते हों तो इस उत्तम कार्य हेतु उनका स्वागत है.

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  1. जनाब असगर जी ! नमस्कार ..डेमोक्रेसिया को आद्योपांत पढ़ा.....विनायक सेन के सन्दर्भ में यह कहानी कुछ सोचने को बाध्य करने और झकझोरने वाली है...उल्टा पढने वाली आदत के माध्यम से अपने बहुत कुछ कह दिया है वह भी कम शब्दों और मजेदार शैली में .आपको पहली बार पढ़ा ..आप मुझे कलम के सिपाही लगे ...आपको नमन. ऐसी निर्भीक लेखनी की जरूरत है इस देश को .

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