मुक्तक पंड्या की कविता - चलो सब मिलकर काम करें

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चलो सब मिलकर काम करें

मुक्तक पंड्या कक्षा 8


चलो सब मिलकर काम करें।

पेड़ लगाकर तापमान का काम तमाम करें!!
ओज़ोन परत हो रही क्षीण

औ’बढ़ा रही है गर्मी

पेड़ लगाकर तापमान में

ले आयें हम नरमी
“ग्लोबल वॉर्मिंग” के दानव का काम तमाम करें

चलो सब मिलकर काम करें!!

 

“एसिड वर्षा” नें कर डाला

वनस्पति का नाश

नाइट्रिक एसिड से

होता है जीवों का विनाश

“एसिड वर्षा” खत्म करें, आराम-हराम करें!

चलो सब मिलकर काम करें!!

आग जंगलों में सुलगी तो

co2 निकलेगी

”ग्रीन हाउस” के प्रभाव से

यह धरती मचलेगी

“ग्रीन हाउस” की वायु पर पूर्ण-विराम करें!

चलो सब मिलकर काम करें!!
”ग्लोबल वॉर्मिंग” शुरू रहा तो

हिम नदियाँ पिघलेगीं
सागर तट के जन जीवन को

झटपट वे निगलेगीं


तापमान कम हो, प्रयास हम आठों याम करें!

चलो सब मिलकर काम करें!!

हर बीमारी का इलाज है

शुद्ध हवा औ’ पानी

कर न सकेगी यों कोई भी

बीमारी मनमानी
फैले नहीं प्रदूषण ऐसे काम प्रकाम करें

चलो सब मिलकर काम करें!!

धरती माँ का आँचल कर दें

हरा-भरा धानी-धानी

पेड़ लगाकर ले आयें

रेगिस्तानों में पानी
दोस्त बनें हम धरती माँ के उन्हें प्रणाम करें

चलो सब मिलकर काम करें!!

 

मुक्तक पंड्या
कक्षा 8 जवाहर नवोदय विद्यालय वेजलपुर गुजरात

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3 टिप्पणियाँ "मुक्तक पंड्या की कविता - चलो सब मिलकर काम करें"

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