उमेश कुमार यादव की कविता - कैसे होगा भारत उदय?

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कैसे होगा भारत उदय ?

umesh kumar yadav

कैसे होगा भारत उदय !

शुरु किया मंगल पांडे ने

अरमानों की बली चढाई

लक्ष्मी भी मैदान में आयी

अमन चमन का स्वप्न संजोया

पर हाथ कुछ भी न आया

अपनों को अपनों ने लूटा ।

 

हो भारत आजाद हमारा

अहम भूमिका बापू सुभाष की

साकार किया शहीदों ने मिलकर

और फल खाया चाचा ने आकर

किन-किन की गुणगान करें हम

इन सबको इतिहास ने देखा

मौका मिले तो क्यों हम छोड़े

क्यों गंगा में हाथ न धो लें

इसने धोया उसने धोया

न जाने किन-किन ने धोया

जिसे मिला उसी ने धोया

स्वतंत्रता सेनानी धोये

बचा हुआ अब नेता धो रहे

सरकारी अमला भी धो रहे

फिर भी सपना भारत उदय का !!

 

संजोये दिल में हैं बैठे

यह व्यर्थ का सपना केवल

सपने में साकार है होता

ऊषा की बेला होते ही

अपने को भी वहीं पायेंगे

भला कैसे हो भारत उदय ?

कहाँ से होगा भारत उदय !!!

 

                     ----उमेश कुमार यादव

भारतीय रिज़र्व बैंक नोट मुद्रण लिमिटेड

नोट मुद्रण नगर, शालबनी

पोस्ट-आर.बी.एन.एम.एल.

जिला- पश्चिम मेदिनिपुर

पश्चिम बंगाल, पिन- 721132बुधवार, 23 पौष 1932
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उमेश कुमार यादव / Umesh Kumar yadav

मकान सं.- 25/2 / Qrt No.  C-25/2

नोट मुद्रण नगर / Note Mudran Nagar

शालबनी, पोस्ट ऑफिस –आर.बी.एन.एम.एल.

Salboni, Post Office - RBNML

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