शुक्रवार, 4 फ़रवरी 2011

नीरज के शिल्प - एक नई संगमरमरी दुनिया

नीरज अहिरवार के शिल्प आपको एक नई आभासी दुनिया में ले जाते हैं जहाँ आपको तीनों लोकों के अद्भत अवर्णनीय दर्शन होते हैं. नीरज के शिल्प विशाल, अनगढ़ से प्रतीत होते हैं, मगर दरअसल वे जीवन की अनगढ़ता को समग्र रूप में बयान करने में पूर्णतः सक्षम होते हैं.

नीरज का हर शिल्प आपका ध्यान बखूबी खींचने की शक्ति रखता है और आप उसके प्रति आकर्षित हुए बिना नहीं रह सकते. और खासियत यह कि हर शिल्प में हर दूसरे शिल्प से ज्यादा आकर्षण शक्ति. नीरज ने दुरंगा संगमरमर का प्रयोग कर एक नया शिल्प संसार रचा है जिसमें वे सफल हुए हैं. नीरज ने वैसे तो कोई नई विधा या नया एक्सपेरीमेंट नहीं किया है, मगर अमूर्तन माध्यम से वे मनुष्य की भावनाओं - प्रेम, पीड़ा, खुशी इत्यादि का इजहार कर पाने में बखूबी सक्षम हुए हैं.

देखें उनके शिल्पों की एक झलक-

Image012 (Custom)Image014 (Custom)Image015 (Custom)Image025 (Custom)Image028 (Custom)Image030 (Custom)Image031 (Custom)Image034 (Custom)

--

नीरज अहिरवार

संपर्क : neeraj_creative@yahoo.com

1 blogger-facebook:

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

----

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.अपनी रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------