बुधवार, 18 मई 2011

सुधा गुप्ता के गर्मी के हाइकु

Dr.sudha gupta-photo

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गर्मी के हाइकु :डॉ सुधा गुप्ता

1

फिरते पत्ते

जूते चटकाते-से

काम न धाम

2

धूप से डर

पीली छतरी खोले

खड़ा वैशाख

3

नदिया सूखी

तपाता है सूरज

प्यासे हैं पंछी

4

लू के थपेड़े

औ’ धूप के अंगार

जेठ गुस्साया

5

गर्म बेचैन,

धूपीले अनमने

उबाऊ दिन

6

अकेली ऊबी

हवाख़ोरी को चली

तपती शाम

7

सूरज खफ़ा

चलीं किरन बर्छी

धूप के तीर

8

बाँसों के वन

तनिक सी भूल स

लगती आग

9

तपा सूरज

जले दिल पेड़ों के

बिलखी धरा

10

जानलेवा लू

इश्कपेंचा के फूल

लौटे धूल

11

कूकी जो पिकी

‘छन्न दोपहरिया

काँच-सी टूटी

12

धूप ने छला

काला हुआ हिरन

पानी न मिला

13

जेठ की गर्मी

सब झुलस रहे

मोगरा खिला

14

कूकी कोयल

चीरा-सा लगा गई

टपका लहू

15

बन्दगी , दुआ

सब कुछ भूले हैं

पसीना चुआ

16

वनों की आग

राष्ट्रीय सम्पत्ति को

करती राख

17

धूप से जली

क्षीण कटि नदिया

गुम-सुम-सी

18

ढंग अनूप

बरगद के नीचे

सुस्तात्ती हवा

19

गर्मी की रात

जलता तन-मन

बात-बेबात

20

नहीं बोलती

जंगल में डोलती

अकेली हवा

21

कलेजे बसा

जले पेड़ों का दु:ख

रोगिणी हवा

22

घर-आँगन

धूल की मेहमानी

करते थके

23

पका सूरज

खेतों में फैले पड़े

गेहूँ के थान

24

भभक उठी

आँवाँ बनी धरती

पकते जीव

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डॉ. सुधा गुप्ता

जन्म 18 मई, 1934, एम. ए. हिन्दी ( प्रथम श्रेणी,प्रथम पद ) पी. एच. डी., डी. लिट.

13 हाइकु संकलन प्रकाशित : -1 खुशबू का सफ़र, 2 – लकड़ी का सपना, 3- तरु देवता, पाखी पुरोहित, 4 – कूकी जो पिकी, 5 – चाँदी के अरघे में , 6- धूप से गपशप, 7– बाबुना जो आएगी, 8- आ बैठी गीत- परी, 9- अकेला समय, 10- चुलबुली रात में, 11- पानी माँगता देश(सेन्र्यू-सन्ग्रह ), 12- कोरी माटी के दीये ,13-सात छेद वाली मैं( ताँका-संग्रह)

पता:-काकली’, 120/2,साकेत ,मेरठ- 250 003 (उ प्र),

4 blogger-facebook:

  1. डॉ सुधा गुप्ता जी हाइकु विधा की सशक्त रचनाकार हैं । गर्मी के मौसम का विविध बिम्बों में सजीव चित्रण किया है । शब्द-चयन और प्रस्तुति की उत्कृष्टता तो गागर में सागर भरने जैसी है । आज आपका जन्म दिन भी है । आपको दीर्घायु की कोटिश: शुभकामनाएँ।

    उत्तर देंहटाएं
  2. amita kaundal6:12 pm

    सुधा जी सर्वप्रथम जन्म दिवस की ढेरों शुभकामनायें. एक से बढ़कर एक सुंदर हाइकु है. आपसे ही तांका की विधा सीखी थी.हिंदी हाइकु पर आपके हाइकु गीत भी पढ़े और इस विधा से भी परिचित हुई.
    सुंदर रचनायों व् जन्म दिवस की ढेरों शुभकामनायों सहित
    सादर
    अमिता कौंडल

    उत्तर देंहटाएं
  3. sudha ji
    sabse pahle janmdin ki bahut bahut badhai.
    haiku ke bare me hum kya likhen aap ke haiku me jo baat hai kam hi dekhne to milti hai .
    ek ek haiku anmol hai
    badhai
    rachana

    उत्तर देंहटाएं
  4. आदरनीय सुधा जी ,
    जन्म दिन की बहुत-बहुत बधाई !
    सुधा जी आप जब लिखती हैं तो मानो भावों का दरिया बहने लगता है और पढ़ने वाला बहता चला जाता है ...सभी हाइकु एक से बढ़कर एक हैं ....मेरे जैसे पाठक की तो पढ़ते समय आँखे खुली की खुली और होंठ सिल जाते हैं जब आपको पढ़ते हैं !
    आपकी दीर्घायु की कामना करती शुभकामनाएँ कहती हुई !
    हरदीप

    उत्तर देंहटाएं

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