बुधवार, 22 जून 2011

रचनाकार के नियमित ग्राहकों की संख्या (रेगुलर सब्सक्राइबर) 1000 से ऊपर पहुँची

हिंदी साइटों के लिए 1 हजार  की जादुई  संख्या कोई कम नहीं है.

आज रचनाकार के नियमित ग्राहकों की संख्या 1007 तक पहुँच गई. नीचे स्क्रीनशॉट देखें -

1000 readers of rachanakar

 

रचनाकार के पाठकों व रचनाकारों को उनके अमूल्य सहयोग के लिए हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ.

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500 से अधिक प्रशंसक

1,000 से अधिक नियमित ग्राहक

प्रतिमाह 50,000 से अधिक पाठक

3,200 से ज्यादा हर विधा की रचनाएँ

अपनी रचनाओं को नया विस्तार दें, आज ही रचनाकार से जुड़ें

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7 blogger-facebook:

  1. इस उपलब्धि के लिए आपको बधाई बधाई बधाई ! हार्दिक बधाई !

    उत्तर देंहटाएं
  2. यह कारवां यूं ही चलता रहे, इस शुभ कामना के साथ आपको बहुत बहुत बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत बहुत बधाइयाँ और शुभकामनाएँ।

    उत्तर देंहटाएं
  4. रवि जी बहुत बधाई... हिंदी के किसी भी ब्लॉग के लिये ये बडी अच्छी बात है।
    थोडा लेआउट भी देखें.. पोस्ट से ज्यादा स्थान बाकी चीजों ने ले रखा है.. अगर कुछ किया जा सकता हो तो.. सिर्फ़ एक सजेशन है वैसे मैं फ़ीडरीडर से ही पढता हूँ इसलिये कोई दिक्कत नहीं.. शायद सीधे ब्लॉग से पढने वालों को थोडी दिक्कत होती हो।

    उत्तर देंहटाएं
  5. रवि जी आपने साहित्यकारों की रचनाओं को तो स्थान दिया ही है । साथ ही आपने हिन्दी के विकास और विस्तार के लिए महत्त्वपूर्ण कार्य किया है । तकनीक के मामले में जब भी कोई संकट आता है तो आप संकटमोचक हनुमान् की तरह सबकी सहायता करते हैं , चाहे वह परिचित हो या अपरिचित । यह सब आपकी उदारता और कर्मठता का ही परिणाम है । मेरी तरफ़ से कोटिश: बधाइयाँ । रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु/

    उत्तर देंहटाएं
  6. रवि जी,
    हार्दिक बधाइयाँ और अशेष शुभकामनायें.

    उत्तर देंहटाएं
  7. शुभ समाचार. बधाई हो .
    यह सफ़र जारी रहेगा.
    चाहे जो कठिनाई हो.

    उत्तर देंहटाएं

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

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1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.अपनी रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

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