सोमवार, 27 जून 2011

शोभा रस्तोगी 'शोभा' की कविता - मेरी बिटिया

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हंसती, मुस्काती , नाचती , गाती
हर्षाती, इठलाती,बतियाती,
मनाती कभी मनवाती
कौन ...... मेरी बिटिया

आंगन में खेल बड़ी हो रही
रुनझुन करती, कुनमुन करती
भाई की सूनी कलाई को
राखी के धागे से सजाती
चारों ओर खुशियाँ बिखराती
कौन ......मेरी बिटिया |

घर की रौनक को बढाती
अंधियारे मन में दिया जलाती
तीज-त्यौहार उसके आसरे
झनन-झनन सा नाच दिखाती
चिड़िया सी कलरव करती
कौन......मेरी बिटिया

दुःख में मेरे  सुख छनकाती
तप्त मस्तक पे ओस टपकाती
पल पल पल पल बढती जाती
इक दिन बेगानी हो जाएगी
मनन गहन कराती जाती
कौन ......मेरी बिटिया

कितनी अपनी  पराई होगी
तब उसकी स्मृतियाँ नाचेंगी
उसको आँचल में लेने को
दिल कितना मचलाएगा
मन की परतों तक रुलवाती
कौन ...... मेरी बिटिया

बेटी- सुन्दरतम रचना जीवन की
कैसी व्यथा है उनके मन की
जो खुद को ही छल लेते है
जग में आने से पहले ही हत्या बेटी की कर देते है
बिन बेटी घर शापित करवाती
कौन ...... मेरी बिटिया |
                             ........................                   
-------शोभा रस्तोगी  शोभा
          Mob-09650267277                                                                                               

                                                                          आत्म परिचय
नाम-   शोभा रस्तोगी  शोभा
शिक्षा - एम. ए. [अंग्रेजी-हिंदी ], बी. एड. , शिक्षा विशारद, संगीत प्रभाकर [ तबला ]          
जन्म - 26- अक्तूबर 1968 ,  अलीगढ [ उ. प्र. ]
सम्प्रति - सरकारी विद्यालय दिल्ली  में अध्यापिका
पता - RZ-D.-- 208, B, डी.डी.ए. पार्क रोड, राज नगर - || पालम कालोनी, नई दिल्ली - 77.
   
 
     मेरी प्रकाशित रचनाएँ.  पंजाब केसरी, राष्ट्र किंकर, हम सब साथ साथ, केपिटल रिपोर्टर,कथा संसार,  बहुजन विकास, न्यू ऑब्जर्वर पोस्ट, आदि   में  लघुकथा, कविता, कहानी, लेख आदि प्रकाशित | ' खिडकियों पर टंगे लोग ' लघुकथा  संग्रह  में लघुकथाएं संकलित | ह्ससासा द्वारा अ. भा. लघुकथाकार सम्मान प्राप्त |आकाशवाणी भोपाल से लेख प्रसारित |
                                   
   आन लाइन पोर्टल पर प्रकाशित ---  laghukatha.com , srijangatha,com, shabdakar.com ,  rachanakar.com  तथा newobserverpost.tk में प्रकाशित लघुकथाएं    

4 blogger-facebook:

  1. अंत में बहुत भावुक कर गई ...काश लोग यह समझ पाते तो ऐसा अपराध नहीं करते...
    बहुत प्यारी रचना....

    उत्तर देंहटाएं

  2. कल 29/11/2012 को आपकी यह बेहतरीन पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं

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