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ऋता शेखर ‘मधु’ के हाइगा (चित्रमय कविताएँ)

Haiga Independence Day
Old Age Haiga
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हाइगा का प्रेरणा स्रोत- http://hindihaiku.wordpress.com/
हाइगाजापानी पेण्टिंग की एक शैली है,जिसका शाब्दिक अर्थ है-चित्र-कविता हाइगा दो शब्दों के जोड़ से बना है …” हाइ” = कविता या हाइकु + “गा” = रंगचित्र ( चित्रकला ) । हाइगा की शुरुआत १७ शताब्दी में जापान में हुई । हाइगा में तीन तत्व होते हैं – रंगचित्र + हाइकु कविता + सुलेख ।रंगचित्र चाहे हाइकु के बिम्ब न भी बता रहा हो लेकिन इस दोनों में घनिष्ट संबंध होता है । उस जमाने में हाइगा रंग - ब्रुश से बनाया जाता था । लेकिन आज डिजिटल फोटोग्राफी जैसी आधुनिक विधा से हाइगा लिखा जाता है !
रामेश्वर काम्बोज हिमांशु’-डॉ हरदीप कौर सन्धु
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ऋता शेखर मधु
जन्म- ३ जुलाई,
पटना,बिहार।
शिक्षा- एम एस सी{वनस्पति शास्त्र}, बी एड.
पटना,बिहार।
रुचि- अध्यापन एवं लेखन
प्रकाशन-इंटरनेट पत्रिका पर कुछ रचनाएँ प्रकाशित
1) अनुभूति - हाइकु
2) हिन्दी हाइकु - हाइकु एवं ३ हाइगा

टिप्पणियाँ

  1. जीवन के इस पड़ाव पर ऐसी कामना एक कटु सत्य है|
    देशभक्ति की भावना भी अच्छी लगी|
    लाजवाब हाइगा|

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत खूब ॠता जी ।इस मोर्चे पर डटे रहिए । अच्छा लिखने वाले ही खराब लेखन से पाठकों का ध्यान हटा सकते हैं । आप अच्छा और सराहनीय रच रही हैं । बहुर साधुवाद !

    उत्तर देंहटाएं

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