शनिवार, 13 अगस्त 2011

रचना श्रीवास्तव के रक्षाबंधन विशेष हाइकु

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1

काटो न पंख
चिड़िया जो चहके
भाई -अंगना

2
स्नेह -सरिता
सदा बहे ,सूखे न
फूल बहना

3
दुष्ट दुनिया
चुराए सीप मोती
बुझे न ज्योति

4
दहेज़ -माँग
बिक जाए भाई का
यह गहना

5

बहन गंगा
धोये सबके पाप
स्वयं खो गई

6

भाई की छाया
को लगे न ग्रहण
बहन कहे

7
जन्म -जन्म से
हूँ तेरी ही बहन
सदा ही रहूँ

8
स्नेह का कर्ज
उतारे न उतरे
बहन सोचे

9

पराया धन
बहन कब रही
पास भाई के

10
किनारा हो
सदा संग बहाना
दुःख या सुख

11
भाई का संग
बहन का संसार
खिलता रहे

12
करो ये वादा

किसी जन्म न भूलो

प्यारे से   भैया

13
राह के काँटे
आँचल में समेटे
बहन सदा

14
स्नेह गंगा में,

सदा आपकी बहे
बहन कीर्ति

15

सूर्य जो रूठा

भाई बना  प्रकाश
अँधेरा मिटा

16

आप जो साथ
कविता भी उड़ेगी
लगा के पंख

17
भाई के शब्द
बहन का उत्साह
सदा बढ़ाये

18
रग  में बहे
माँ ,बहन का स्नेह
ये खुदा करे

19
सावन लाये
बहन की  प्रतीक्षा
राखी जो आये

20
ईश्वर कृपा
रिश्ते पे बनी रहे
यही है आस

21
विष धुल के
अमृत बनजाये
भाई जो साथ

22
भाई संजोये
बहन पराया है
बड़े स्नेह से

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चित्र - साभार अभिव्यक्ति-हिंदी.ऑर्ग

9 blogger-facebook:

  1. रचना श्रीवास्तव हाइकु जगत की सहृदय और समर्थ रचनाकार हैं। भावों की विविधता और अनुभव जगत के नवीन आयाम इनकी सबसे बड़ी विशेषता है। आज का पावन पर्व अपने मधुसिक्त हाइकुओं से इन्होंने स्मरणीय बना दिया है । हम सभी भाइयों के मन में इस नश्वर -जगत के सहेजने वाले प्रेम की अनुभूति करा दी है । बहुता आभार !

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  2. बहुत प्यारे हाइकु ! बधाई!

    उत्तर देंहटाएं
  3. सभी हाईकू
    बेहतरीन लगीं
    लिखती रहें

    उत्तर देंहटाएं
  4. अनुभव जगत की साहजिक एवं मार्मिक अभिव्‍यक्ति के लिए बधाई ।

    उत्तर देंहटाएं
  5. aapsabhi ka bahut bahut dhnyavad.aap sabhi ko raksha bandhan aur svatantrata divas ki shubh kamnaye
    rachana

    उत्तर देंहटाएं
  6. रचना जी आपने बहुत खूबसूरती से रक्षाबंधन के त्योहार को बयान कर दिया.बहुत-बहुत बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  7. सारे हाइकु बहुत ही सुन्दर...इस परम पावन पर्व की महत्ता बढ़ाते हुए...
    बहुत बहुत बधाई|

    उत्तर देंहटाएं

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