श्याम गुप्ता की हिन्दी दिवस विशेष कविता - अनिवार्य हिन्दी कापी और कवि कौ जनमु दिन.....

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अनिवार्य हिन्दी कापी और कवि कौ जनमु दिन.....

        ( ब्रज भाषा )
कवि गोरखधंधा जी के
जनमु दिना पे आयोजित गोष्ठी में ,
कविवर  पांडे जी नै -
बडी सकुचाहट ते याद दिलायौ ;
धन्धाजी,
अबहि छै महीना पहलै ही तौ ,

आपने आपुनि जनम दिना हतो  मनायौ |


कवि जी सकपकाय गए , हडबड़ाय गए , फिरि-
मुसुकावत भये बोले-
पर भैया !, कवि तौ -
अखिल भारतीय कहिलाबै है ;
वाकौ तौ केन्द्र सरकार की नीतिन ते ही,
नातौ होबै है , और -
केन्द्रीय भाषा नीति तौ ,
द्विभाषी है ;
वा जनमु दिना तौ -
असल अंगरेजी आलेख हतो ,
ये तौ वाकी -
अनिवार्य हिन्दी कापी है ||                         
                                       -------डा श्याम गुप्ता , के-३४८, आशियाना, लखनऊ -

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