सोमवार, 31 अक्तूबर 2011

कैस जौनपुरी का धारावाहिक - आओ कहें दिल की बात - किश्त 6 : मुझे माफ करो!

पिछली कड़ियाँ  - एक , दो , तीन ,  चार , पांच आओ कहें...दिल की बात कैस जौनपुरी मुझे माफ करो...! मुरली, मेरे प्यारे भाई, मैं माफ़...

रविवार, 30 अक्तूबर 2011

प्रभुदयाल श्रीवास्तव का बाल-गीत : क्या बोलूं और किसे छुपा लूं

बचपन में तो आम चुराते कई कई बार गये पकड़े जरा ठीक से याद करो तो और किये थे क्या लफड़े ।   दादी की धोती खींची थी और दादा की परदनिया घोली...

शुक्रवार, 28 अक्तूबर 2011

साहित्य संस्‍था ‘मंथन, चण्‍डीगढ़' ने बांग्‍ला के सुप्रसिद्ध साहित्यकार से की एक मुलाक़ात

चण्‍डीगढ़ ः साहित्य संस्‍था ‘मंथन' के सौजन्‍य से आज रविवार, दिनांक 23 अक्‍टूबर, 2011 को महावीर मुनी जैन मन्‍दिर, सैक्‍टर 23-डी, चण्‍डीग...

संजय दानी की ग़ज़ल - आशिक़ी का ग़ुनाह कर लूं साथ दानी,मां बाप की दुआ भी हो।

तुम मेरे दर्द की दवा भी हो, तुम मेरे ज़ख़्मों पर फ़िदा भी हो। इश्क़ का रोग ठीक होता नहीं, ये दिले नादां को पता भी हो। शह्रों की बदज़नी भी हो हा...

सत्यवान वर्मा सौरभ की ईश वंदना

माँ वीणा वादिनी, मधुर स्वर दो ! हर जिह्वा वैभवयुक्त कर दो !! मन सारे स्नेहमय हो जाये, जीवन में वो अमृत भर दो!! माँ वीणा की झंकार भर दो !...

गुरुवार, 27 अक्तूबर 2011

जौली अंकल की रम्य रचना - जमीर की आवाज

'' ज़मीर की आवाज '' दूध के पतीले को देखते ही मिश्रा जी की पत्‍नी ने अंगारे उगलते हुए कहा कि मैं कई दिन से कह रही हॅू कि यह ...

जौली अंकल की हास्य व्यंग्य रचना - चांद की सैर

'' चांद की सैर '' एक शाम वीरू काम से लौट कर अपने घर में टीवी पर समाचार देख रहा था। हर चैनल पर मारपीट, हत्‍या, लूटपाट और सर...

बुधवार, 26 अक्तूबर 2011

हर्ष छाया का दीपावली विशेष व्यंग्य : 2011 की दीपावली में ट्विस्ट

"पुरुषोत्तम राम" चौदह साल के वनवास के बाद घर लौट रहे थे... पूरा शहर बहुत खुश था। आज उनके चहेते राम, लक्ष्मण और सीता के साथ वापस आ...

ऋता शेखर 'मधु' के दीपावली विशेष हाइगा

एस. के. पाण्डेय की बाल कविता - दीपावली आई

दीपावली आई (१) आई-आई दीपावली आई । अपने संग ये खुशियाँ लाई ।। घर-घर की हो गई सफाई । अच्छी-अच्छी बनी मिठाई ।। (२) बच्चे, बूढ़े लोग लुगाई ।...

ज्योति चौहान की दीपावली कविता - दीपावली है दीपों का त्यौहार

दीपावली, दीपों का त्यौहार , लाता खुशियाँ ढेर अपार , आता साल में एक ही बार , लाता सबके लिए प्यार.   रोशनी से भरता गगन को , बच्चे लड़ी, पटाखे...

मंगलवार, 25 अक्तूबर 2011

पुरुषोत्तम व्यास की दीपावली कविता

  दीप-जलाओ शब्दों में दीप-जलाओ शब्दों में झूमें-ह्दय-खुशियों में विचार-छोड़ नीरस से गीत-लिखूं अपनेपन के ।   प्रेम-रस हो जीवन में दीपों की म...

सुरेन्‍द्र अग्‍निहोत्री का आलेख - दीपावली प्रेम सदभाव का संदेश पर्व

मूलतः दीपोत्‍सव ‘श्री' अथवा लक्ष्‍मी का आव्‍हान-पर्व है। लक्ष्‍मी की चर्चा ऋगवेद में सबसे पहले हुई है। ‘श्री' धन-देवी हैं तथा भगवान...

प्रवक्ता डॉट कॉम द्वारा लेख प्रतियोगिता का आयोजन

समसामयिक विचार पोर्टल प्रवक्‍ता डॉट कॉम के तीन साल पूरे होने पर द्वितीय ऑनलाइन लेख प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इससे पूर्व ‘प्रवक्‍...

अखिलेश श्रीवास्‍तव "छत्तीसगढ़िया" की रचनाएँ

  शुभ दीवाली धन , वैभव , सम्‍मान मिले , भण्‍डार रहे ना खाली । सद्‌भाव , प्रेम , आनंद बढ़े , सौ बरस रहे खुशहाली ॥   स्‍वस्‍थ रहें , दीर्घा...

शंकर लाल कुमावत की दीपावली विशेष कविता

चलो जरा हट कर दीवाली मनायें इसबार चलो जरा हट कर दीवाली मनायें इसबार अपनी मुंडेर पर तो दिया जलाते है हर बार मगर जिन्होंने कभी नहीं देखी ह...

श्वेता दुबे की कविता - दिल की ये कैसी मुश्किल

दिल पे मुश्किल है दिल की कहानी लिखना, जैसे बहते हुए पानी में पानी लिखना। बहुत आसाँ है किसी के दिल पे दस्तकें देना, जैसे अपने आईने में अक्स...

एस. के. पाण्डेय की लघुकथा - ध्यान

एक साधू को लगभग नंगे ही नहाते हुए देखकर राधा अपने सहेलियों के साथ दूसरे तरफ मुँह करके बैठ गई और बोली “महात्मा जी निकल आएँ तब हम लोग नहाएंगे...

सोमवार, 24 अक्तूबर 2011

कैस जौनपुरी का धारावाहिक - आओ कहें दिल की बात : किश्त 5 - सूरज

पिछली कड़ियाँ  - एक , दो , तीन ,  चार आओ कहें...दिल की बात कैस जौनपुरी सूरज पिताजी, मैं आपका पुत्र सूरज, आपसे यह कहना चाहता ह...

शनिवार, 22 अक्तूबर 2011

प्रभुदयाल श्रीवास्तव का बाल गीत - भटा गकड़ियों के दिन आये

फूल हंसे पत्ते मुस्काये भटा गकड़ियों के दिन आये। आंगन बीचों बीच शुष्क‌ कंडे मां ने सुलगाये बड़े बड़े बैंगन फिर अंगारों के बीच दबाये एक पटे पर ...

शुक्रवार, 21 अक्तूबर 2011

संजय दानी की ग़ज़ल - कब से बैठा हूं तेरे वादों की छत पे, गर्दिशें जब उड़तीं तेरी याद आती।

जब हवायें चलतीं तेरी याद आती, बारिशें जब होतीं तेरी याद आती। इक तसव्वुर ही सहारा है मेरा अब, यादें जब जब थकतीं तेरी याद आती। दिन तो जैसे त...

हिमकर श्याम की कविता - वह अभागन!

वह अभागन ! सरकारी अस्पताल के बाहरी फुटपाथ पर अजब था नजारा चल रहा हो जैसे किसी मदारी का खेल-तमाशा अर्धनग्न हालात में तड़प रही थी वह अभागन म...

गुरुवार, 20 अक्तूबर 2011

श्वेता दुबे की कविता - माँ

दुनिया का सबसे ख़ूबसूरत अरमान है माँ, खुदा का सबसे बड़ा वरदान है माँ, जिसके आँचल में छुप कर कर रो लेते है, जिसकी गोद में सर रख कर सो लेते ह...

अदिति मजूमदार की कविता - शहर के एकांत में

शहर के एकांत वीराने में बैठी हूँ तुम्हारे इंतज़ार में पतझड़ की सुबह सी मैं इंतज़ार है हरियाली का फूलों का फलों का एकांत में कर रही इंतज़ार मैं ...

बुधवार, 19 अक्तूबर 2011

एस. के. पाण्डेय की बाल कविता - चूहे की सीख

चूहे की सीख (१) बिल्ली मौसी वापस जाओ । कभी दुबारा फिर मत आओ ।। हमको अब न और सताओ । आज से मत तुम चूहा खाओ ।। (२) शाकाहारी अब बन जाओ । धर्म...

सोमवार, 17 अक्तूबर 2011

कैस जौनपुरी का धारावाहिक - आओ कहें दिल की बात : किश्त 4 - काला रंग

पिछली कड़ियाँ  - एक , दो , तीन आओ कहें...दिल की बात कैस जौनपुरी काला रंग कैस, जब मैं छोटी बच्ची थी...तभी मैं बड़ी बन गई थी... और अभी...

रविवार, 16 अक्तूबर 2011

मीनाक्षी भालेराव की कविताएँ

महंगाई सिलेन्डर की दुकान पर लगा है यारों मेला गेहूँ शक्कर तेल का देखो आज झमेला गेहूँ कहे मैं हर घर का पाया शक्कर कहे मैं लम्बी माया दादा क...

शनिवार, 15 अक्तूबर 2011

नन्‍दलाल भारती की कहानी - पत्र ऐसा भी

मगनलाल मिठाई मंगाओ,तुम्‍हारा प्रमोशन आर्डर रहा है। विभागाध्‍यक्ष की खुशी को देखकर मगनलाल की खुशी का ठिकाना न रहा। वह परिचर को पांच सौ का नो...

नन्‍दलाल भारती की कहानी - ऐसा भ्रष्टाचार

  लखनदादा अम्‍बेडकर चबूतरे से उठकर कुछ कदम चले ही थे कि गश खाकर गिर पड़े। कुछ ही देर पहले उन्‍हे लडखड़ाते हुए चलता देखकर बच्‍चे ही नहीं बूढे...

ब्रजेश मिश्र की कविता - जंगल के कानून

जंगल के कानून राजनीति में शुचिता की मत बात करो, जंगल के कानून तुम्हें मालूम नहीं नैतिकता मर्यादा और उसूलों के, बदल गये मज़मून तुम्हें मालूम...

धर्मेन्द्र कुमार सिंह की कविता - घटना क्षितिज

घटना क्षितिज समय हम दोनों को बहा ले गया है एक दूसरे के घटना क्षितिज ( event horizon ) के पार अब हमारे साथ घटने वाली घटनाएँ एक दूसरे को प्...

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