मंगलवार, 4 अक्तूबर 2011

मुरसलीन साकी की ग़ज़ल - ये दौरे सियासत है हर चीज बिकाऊ है ये सोच कर ही तूने दिल मेरा लिया होगा...

 

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सब ने तेरी महफिल में मेरा नाम लिया होगा

तूने भी तड़प कर दिल थम लिया होगा

 

कहती है मुझे मजनूं,दीवाना भी कहती है

तूने भी तो जालिम कभी प्‍यार किया होगा

 

देखा था तुझे मैंने बेचैनी की हालत में

उस वक्‍त तेरे दिल में मेरा दर्द रहा होगा

 

कहता है बेवफा आज जमाना मुझको

इक बावफा को तूने ये नाम दिया होगा

 

ये दौरे सियासत है हर चीज बिकाऊ है

ये सोच कर ही तूने दिल मेरा लिया होगा

--

मुरसलीन साकी

जिला लखीमपुर खीरी यू.पी.

--

(चित्र - अमरेन्द्र, aryanartist@gmail.com  फतुहा, पटना की कलाकृति. )

1 blogger-facebook:

  1. RAGHUNATH MISRA8:54 pm

    Khubsurat gajal ke liye badhai.
    RAGHUNATH MISRA,3-k-30,Talwandi,Kota-324005(Raj.)Mobile:09214313946

    उत्तर देंहटाएं

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