मंगलवार, 25 अक्तूबर 2011

शंकर लाल कुमावत की दीपावली विशेष कविता

image

चलो जरा हट कर दीवाली मनायें इसबार

चलो जरा हट कर दीवाली मनायें इसबार

अपनी मुंडेर पर तो दिया जलाते है हर बार

मगर जिन्होंने कभी नहीं देखी है रोशनी

क्यों ना उनके घरों में चिराग जलायें इसबार

चलो जरा हट कर दीवाली मनायें इसबार |

 

अपने घरों में तो रोज बनती है मिठाई

मगर जो भूखे ही सो रहे हैं कई दिनों से

क्यों ना उनको भी एक निवाला खिलाएं इसबार

चलो जरा हट कर दीवाली मनायें इसबार |

 

बड़े-बड़े लोगों से तो मिलते हैं हर रोज

मगर जिनको वर्षों से छुआ नहीं किसी ने

क्यों ना उस सबरी से

राम बनकर हम ही मिल आये इसबार

चलो जरा हट कर दीवाली मनायें इसबार |

 

फुलझड़ी फटाके तो हम जलाते हैं हरबार

मगर जो दिलों में बैठा है अहंकार का रावण

क्यों ना उसे भी जलायें इसबार

चलो जरा हट कर दीवाली मनायें इसबार |

 

दीप तो जलाते ही हैं हर बार

मगर उसका खुद को जलाकर भी

दूसरों को रौशन करने का हुनर

क्यों ना हम भी सीख जायें इसबार

चलो जरा हट कर दीवाली मनायें इसबार |

--

शंकर लाल, इंदौर ,मध्यप्रदेश

ईमेल :Shankar_kumawat@rediffmail.com

1 blogger-facebook:

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

------------------------------------------------------------

प्रकाशनार्थ रचनाएँ आमंत्रित हैं...

1 करोड़ से अधिक पृष्ठ-पठन, 1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक तथा 2000 से अधिक फ़ेसबुक प्रसंशक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को इंटरनेट के विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.किसी भी फ़ॉन्ट, टैक्स्ट, वर्ड या पेजमेकर फ़ाइल में रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------