मंगलवार, 25 अक्तूबर 2011

एस. के. पाण्डेय की लघुकथा - ध्यान

image

एक साधू को लगभग नंगे ही नहाते हुए देखकर राधा अपने सहेलियों के साथ दूसरे तरफ मुँह करके बैठ गई और बोली “महात्मा जी निकल आएँ तब हम लोग नहाएंगे”। साधू बाहर निकलकर बोला “तुम लोग भी कजरी तीज के अवसर पर सरयू स्नान करने आई हो”।

राधा बोली “हाँ। आप कहाँ से आये हैं” ?

साधू बोला “लगभग सौ किलोमीटर दूर से आया हूँ। लेकिन औरतें तो अपने पति को बेलन से मारती हैं और सरयू व गंगा में नहाने आती हैं”।

राधा बोली “आप तो महात्मा हैं, इतनी दूरी तय करके नहाने आये हैं। सरयू में स्नान करके भगवान का ध्यान करना चाहिए। राम नाम लेना चाहिए। लेकिन आपका ध्यान कहीं और है। आप को अपना काम करना चाहिए। आप सन्यास ले चुके हैं। औरतें अपने पति को मारती हैं तो आपका क्या जाता है ? क्या हर औरतें एक तरह ही होती हैं” ?

यह सुनकर आस-पास के लोग हँसने लगे और महात्मा जी सरयू तट पर बैठ कर ध्यान करने लग गए।

-----------

डॉ एस के पाण्डेय,

समशापुर (उ.प्र.)।

http://www.sriramprabhukripa.blogspot.com/

********

चित्र - अमरेन्द्र, aryanartist@gmail.com  फतुहा, पटना की कलाकृति

0 blogger-facebook

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

------------------------------------------------------------

और दिलचस्प, मनोरंजक रचनाएँ पढ़ें-

प्रकाशनार्थ रचनाएँ आमंत्रित हैं...

1 करोड़ से अधिक पृष्ठ-पठन, 1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक तथा 2000 से अधिक फ़ेसबुक प्रसंशक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को इंटरनेट के विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.किसी भी फ़ॉन्ट, टैक्स्ट, वर्ड या पेजमेकर फ़ाइल में रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------