पुरुषोत्तम व्यास की दीपावली कविता

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दीप-जलाओ शब्दों में

दीप-जलाओ शब्दों में

झूमें-ह्दय-खुशियों में

विचार-छोड़ नीरस से

गीत-लिखूं अपनेपन के ।

 

प्रेम-रस हो जीवन में

दीपों की माला-सुंदर-सी

भूल-गये थे जिन शब्दों को

आज उमड़ आये –खुशियों में

दीप-जलाओ शब्दों में।

 

किरण सुहानी चमकी-एक

नाव पुरानी सरिता-की

जीयें बिना जीवन को

दीप न जलते-खुशियों के

दीप-जलाओ शब्दों में।

 

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झामनानी निवास

डा.फजल के बाजू

क्वेटा कालोनी

नागपुर

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2 टिप्पणियाँ "पुरुषोत्तम व्यास की दीपावली कविता"

  1. आपको और आपके परिवार में सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ।

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  2. बेनामी10:01 am

    धन्यवाद अल्पना जी आपको भी दीपावली की शुभकामना

    उत्तर देंहटाएं

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