गुरुवार, 20 अक्तूबर 2011

श्वेता दुबे की कविता - माँ

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दुनिया का सबसे ख़ूबसूरत अरमान है माँ,

खुदा का सबसे बड़ा वरदान है माँ,

जिसके आँचल में छुप कर कर रो लेते है,

जिसकी गोद में सर रख कर सो लेते है ,

रहते ख़ामोश है पर सबकुछ जान लेती है माँ ,

एक अनकहे शब्दों कि पहेली है माँ .

दूर रह कर भी ममत्व का एहसास देती है ,

दिलो में पल रही हरकतों को पल में जान लेती है ,

एक ऐसे ही अटूट विश्वास की पहेली है माँ .

अमित, अजन्मे रिश्तों की तहरीर है माँ .

पल में बिगड़ती है तो पल में हँसा देती है,

हर पल माँ की ममता एक रूप नया लेती है,

निश्छल मन और सादगी की पहचान है माँ.

ख़ुदा का सबसे अनमोल वरदान है माँ.

हाँ यही तो है मेरी माँ, तुम्हारी माँ, हम सबकी माँ.

--

SHWETA DUBEY,

RESEARCH SCHOLAR,

BANASTHALI VIDYAPITH,

RAJASTHAN.

9 blogger-facebook:

  1. बेनामी5:43 pm

    Shweta ji, Rachna kuch adhuri si lagti hai, ek bar pun padkar uchit sudhar kijiyega...Ise Anayatha nahi le.....Sanjay

    उत्तर देंहटाएं
  2. jiske aachal me chhup kar ro lete hain
    jiski god me sar rakh kar so lete hain

    vaah ! jindagi ki hakikat..... bahut khoobsurat haardik badhai.....shaveta ji

    उत्तर देंहटाएं
  3. Really awesome feelings has been showe in this poem...i think a great starting......

    very good shweta..carry on best of luck for your future.....


    Thanks
    Prashant

    उत्तर देंहटाएं
  4. shweta ji prayas achha hai. kuch gadhyatmk lagi. jaise vichar pehle aaya bhav bad me or sb se ant me kavita.isliye vichar thope huye se lg rhe hain. kavita svayam sphurt honi chahiye.phir b prayas achha hai.

    उत्तर देंहटाएं
  5. jyoti singh6:47 pm

    sweta kavita bahut hi accha hai.mai chahti hu ki meri dost din per din aage badhe.maa shabd ko tumne jo bhavnao me vayaqt kiya hai use mai sabdo me byaen nahi kar sakti.

    उत्तर देंहटाएं
  6. बेनामी7:51 pm

    The best words for the best creation of god.
    Thanx a tonz...

    bless you ..
    namah shivay

    उत्तर देंहटाएं
  7. itne sundertarike se maakepraribhaw ek nari hikarsakatihai

    उत्तर देंहटाएं

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