शुक्रवार, 18 नवंबर 2011

रेखा श्रीवास्तव का आलेख : ओमप्रकाश सोनी की कलाकृतियाँ

ओमप्रकाश सोनी पिता स्व. श्री सुन्दरलाल सोनी मंजे हुए कलाकार हैं. इनकी पीतल व अन्य धातु की बनी कलाक़तियाँ  अपने आप में अलग व अनोखी हैं. ग्राम अकोना, खजुराहो के मूल निवासी ओमप्रकाश को शिल्प की शिक्षा बचपन से ही पैतृक रूप से प्राप्त हुई. उनके पिता स्व. श्री सुन्दरलाल सोनी खजुराहों में नए किस्म के शिल्पों की रचना करने वाले शिल्पियों में अग्रणी थे. प्रारंभ में वे पारंपरिक स्वर्ण-रजत आभूषणों का निर्माण करते थे. बाद में लोगों के रूझान, प्रवृत्ति व स्वयं की परिस्थितियों ने इस कलात्मक शिल्प निर्माण की ओर प्रेरित किया.

जिसका परिष्कृत स्वरूप आज ओमप्रकाश सोनी के शिल्पों में देखने को मिलता है. ओमप्रकाश सोनी प्रयोगधर्मी शिल्पकार हैं. प्रस्तुत है उनके शिल्पों की एक झलक :








ओमप्रकाश का पूरा परिवार शिल्प को समर्पित है.  उनकी पत्नी श्रीमती शकुन्तला सोनी भी मंजी हुई शिल्पकार हैं. निम्न शिल्प उनके द्वारा बनाया गया है जिसे राज्यस्तरीय पुरस्कार मिल चुका है.


ओमप्रकाश सोनी के भतीजे बृजेश सोनी भी अपनी शिक्षा के साथ साथ अपने पैतृक परंपरागत शिल्प कला को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे रहे हैं. वे भी अपने हुनर को नए नए प्रयोगों से परिमार्जित करते रहते हैं.


2 blogger-facebook:

  1. कलाकृतियां बहुत सुन्‍दर हैं। फोटो में दर्शाई गई कलाकृतियां किस धातु या पत्‍थर से बनाई गई हैं, यह नहीं बताया आपने।

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  2. कलाकृतियां बहुत सुन्‍दर हैं.

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