मंगलवार, 8 नवंबर 2011

ज्योति चौहान की कविता

तू सुखद क्षण की, एक फुहार     
तू तपती आग में नरम छाँव-सी    
तुम मुश्किलों में हमेशा राह दिखातीं    
तुम मेरी खास प्रिय मीत सी    

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माँ करती हूँ तुझे मै नमन
माँ करती हूँ,  तुझे मै नमन
तेरी परवरिश को करती हूँ नमन
प्यासे को मिलता जैसे पानी,
माँ तू है वो जिंदगानी ,
नौ महीनों तक सींचा तूने
लाख परेशानी सही तूने ,
पर कभी ना तू हारी
धूप सही तूने और दी मुझे छाया
भगवान का रूप तू है दूजा
तेरे प्यार का मोल नहीं है कोई
तू मेरा हर दर्द महसूस करती
मीठी-मीठी लोरी गाती, सुबह बिस्तर से उठाती
टिफन बनाती, यूनिफोर्म तैयार करती
रोज मुझे स्कूल भेजती
मुझे क्या अच्छा लगता, तुझे था पता
तेरी हाथ की रोटी के बराबर, नहीं कुछ स्वादिष्ट दूजा
लाड प्यार से सदा सिखाया, तूने सच्चा ज्ञान
तू भोली, प्यारी न्यारी, मेरी माँ
तू सुखद क्षण की, एक फुहार
तू तपती आग में नरम छाँव-सी
तुम मुश्किलों में हमेशा राह दिखातीं
तुम मेरी खास प्रिय मीत सी
ऐ माँ करती हूँ , तुझे मै नमन
तेरे हर दर्द को महसूस मुझे अब करना
तेरे बुढ़ापे का सहारा बनना
तेरी तपस्या को नहीं भूलना
तेरे हर ख्वाब को पूरा करना
तेरा मन नहीं दुखाना
तेरे आगे हर पल शीश झुकाना
तू मेरा जीवन
पाकर हुई तुझे मै धन्य
नहीं हैं शब्द करूँ कैसे तेरा धन्यवाद,
बस चाहिए तेरा आशीर्वाद,
ऐ माँ तेरा धन्यवाद!
करती हूँ तुझको शत-शत प्रणाम

ज्योति चौहान , नॉएडा

परिचय :
नाम: ज्योति चौहान
जन्म स्थान :-डेल्ही ,मूलत: उत्तर प्रदेश की है
जन्म तिथि :- 12.6.1982.
शिक्षा : दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हैं, साथ ही रसायन-शास्त्र में स्नातकोतर,शिक्षा में स्नातक , पुस्तक- विज्ञानं तथा सुचना तकनिकी में स्नातक,और कंप्यूटर में पी.जी.डी.सी.ए
व्यवसाय :- एक वहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत हैं . नोएडा में अनुसंधान और विकास विभाग में एक वैज्ञानिक के रूप में काम कर रही हैं.
रूचि : सामाजिक सेवा , पड़ना तथा कविता , निवंध इत्यादि लिखना
उपलब्धी : स्कूलिंग में कविता ,निवंध इत्यादि तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम में पुरुस्कार प्राप्ति, कविताये प्रसिद समाचार- पत्र , मैगज़ीन, वेब-पत्रिका,वेब-पोर्टल पर प्रकाशित
संपर्क :- ज्योति चौहान ,सेक्टर-२२, sector-22,नॉएडा-२०१३०१

5 blogger-facebook:

  1. बहुत सुन्दर भावो को अभिवयक्ति दी है
    बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  2. shweta dubey12:34 pm

    jyoti ji wakai apki kavita me shabdo ka chunav bahut achchha hai...

    उत्तर देंहटाएं
  3. Jyoti ji behad bhavuk visay par likha hai aapne
    saandar abhiyakti

    उत्तर देंहटाएं
  4. jiyoti ji
    Maa ko pakar dhany to hote hai ham
    Magar Maa ko kabhi 'Dhanyvad'nahi dete
    Aapki rachana sarahniya hai.

    उत्तर देंहटाएं
  5. jyotiji maa ke liye ek uttam aadarajali

    उत्तर देंहटाएं

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