शुक्रवार, 2 दिसंबर 2011

रघुनन्‍दन प्रसाद दीक्षित प्रखर के नवगीत एवं साहित्‍यिक रिपोर्ट

 

अभिव्‍यंजना का 31वाँ वार्षिक एवं सम्‍मान समारोह सम्‍मान

साहित्‍य एवं संस्‍कृति की पोषक तथा 16 नवम्‍बर 1980 से हिन्‍दी के उन्‍नयन के लिए कृत संकल्‍पित फर्रुखाबाद(उ0प्र0) नगर की प्रतिष्‍ठित संस्‍था अभिव्‍यंजना का 31वाँ वार्षिक कार्यक्रम एवं सम्‍मान समारोह का आयोजन नगर स्‍थिति बद्रीविशाल पी0जी0 कालेज के सभागार में आयोजित किया गया।

सर्वप्रथम कार्यक्रम का आगाज मां शारदे के चित्र पर माल्‍यार्पण मुख्‍य अतिथि पूर्व राजदूत श्री राजीव कुमार भटिया ,प्रबंधक एवं समाजसेवी विनोद दुबे ,संस्‍था प्रमुख डा0 रजनी सरीन,(अध्‍यक्ष हिन्‍दी साहित्‍य सम्‍मेलन )तथा डा0 एन0 पी0 सिंह प्राचार्य द्वारा और दीप प्रज्‍जवलन से हुआ ।तदुपरांत हिन्‍दी की उत्‍कृष्‍ट सेवा के लिए दा0 रामकृष्‍ण राजपूत (साहित्‍यकार एवं इतिहासकार) को राजर्षि पुरुषोत्‍तम दास टंडन ,प्रभात मिश्र 'प्रियभाष'(बाल कवि) को आचार्य बचनेश ,डा0 साधना शुक्‍ला (वरिष्‍ठ साहित्‍यकार)को महादेवी ,पवन बाथम (सरस कवि) को अभिव्‍यंजना श्री तथा पत्रकारिता के लिए रविन्‍द्र भदौरिया ( वरिष्‍ठ छायाकार) को नरेन्‍द्र मोहन सम्‍मानों से विभूषित किया गया।

इसी क्रम में संस्‍था की वार्षिकी अक्षरालोक जोकि साहित्‍य एवं संस्‍कृति आधारित और वयोवृद्ध कवि हरिओम प्रकाश द्विवेदी 'उपमन्‍यु' का का महाकाव्‍य वीरांगना कैकेयी का विमोचन एवं लोकार्पण किया गया। पत्रिका में प्रकाशित श्रमसाध्‍य शोधपरक सामिग्री की भूरि-भूरि प्रशंसा की गयी। वहीं साहित्‍य और समाज में उपेक्षित पात्र कैकेयी को कृतिकार ने समाज को दूसरी दृष्‍टि से निरखने परखने का परामर्श दिया है। जो एक सुखद प्रयास है। कार्यक्रम के अथ ,मध्‍य और इति में डा0 आशा दुबे एवं सुरेश दुबे के आराधिका समूह की छात्राओं ने शारद वंदना,देशभक्‍ति गीत तथा उत्‍कर्ष पर राष्‍ट्रगान की स्‍वर लहरियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्‍ध कर दिया।

स्‍वागत उदबोधन डा0 रजनी सरीन ने,पत्रिका समीक्षा डा0 श्री कृष्‍ण गुप्‍त ने की। मुख्‍य अतिथि राजीव कुमार भाटिया(पूर्व राजदूत) ने संस्‍था की उपलब्‍धियों तथा विदेश में भारत की उज्‍जवल छवि को रेखांकित किया । कार्यक्रम में असचार्य ओम प्रकाश मिश्र 'कंचन' ,डा0 रुद्र नारायण त्रिपाठी ,डा0 दीपक ,रघुनंदन प्रसाद दीक्षित 'प्रखर',डा0 श्‍याम निर्मोही, डा0 माधुरी दुबे,अतुल टंडन,(संस्‍कार भारतीं),निमिष टंडन सहित भारी संख्‍या में नगर के मूर्धन्‍य साहित्‍यकार, कला प्रेमी ,वरिष्‍ठ नागरिकों की उपस्‍थिति उल्‍लेखनीय रही । समारोह का कुशल संचालन डा0 राज कुमार सिंह(रीडर हिन्‍दी विभाग) संस्‍था समन्‍वयक ने किया।

अंततः डा0 माधुरी दुबे के धन्‍यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन हुआ।

नवगीत

रोटी

आज

फिर खायेगा

आधी रोटी,

बचा रखेगा

कल के लिए,

न जाने

कौन सी भीड़

कौन सी जमात

सियासी गुर्गे

सरकारी मुर्गे

बंद करा दें

दफ्तर

कर दें हडताल

लगाकर जाम

बन्‍द करा दें

बाजार

निजी स्‍वार्थ

और मंहगाई

के विरोध में॥

 

आदर्शवादी

लम्‍बे चौडे

आदर्शवादी भाषण

मात्र छलावा

एक मंत्र,-एक बात,

मैं कहता हूँ

की अपेक्षा

मैं करता हूँ

का हो आत्‍मसात॥

 

भूख

आज फिर

जल न सका

मंगू का चूल्‍हा

पेट पर

पत्‍थर खुद तो

रख लेगा

परन्‍तु

उनका क्‍या

जो

उसे काम न

मिलने के कारण

भूख से व्‍याकुल

खाली पेट

घर में॥

 

कौन जिम्‍मेदार........?

कौन जिम्‍मेदार........?

कौन पक्षकार

शिक्षा,आचरण

स्‍वाबलम्‍बन में

विकास विश्‍वास का,

जीवन में भय

नैतिकता हृास का

हम और आप

अथवा

वो जो

हमारे प्रति

जिम्‍मेदार,उत्‍तरदायी है

क्‍या आप

बता सकेंगे........?

--

(रघुनंदन प्रसाद दीक्षित 'प्रखर')

शांतिदाता सदन, नेकपुर चौरासी फतेहगढ (उ0प्र0) पिन209601

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