शनिवार, 31 दिसंबर 2011

अनुराग तिवारी की नव-वर्ष कविता - नये साल की नयी सुबह

नये साल की नयी सुबह

नये साल की नयी सुबह

उत्‍साह नया ले आयी है,

मन में भरी उमंगें हैं,

दिल ने ली अँगड़ाई है।

 

बीता वर्ष दे गया हमको

यादें कुछ खट्‌टी मीठी,

ले गया साथ कुछ हँसते पल

चुभती है स्‍मृति फीकी।

 

गुज़र गया जो वक्‍त लौट फिर-

कहाँ कभी आता वह ?

साथ चला हो जो भी इसके

मंज़िल बस पासा वह।

 

हँसते गाते आओ हम सब

मिल कर कदम बढायें,

न्‍याय शांति औ ' समता का

जग में नित दीप जलायें।

 

रवि की नूतन किरणों ने

उर में नव आस जगायी है।

नये साल की नयी सुबह

उत्‍साह नया ले आयी है।

--

-सी ए. अनुराग तिवारी

5-बी, कस्‍तूरबा नगर,

सिगरा, वाराणसी- 221010

5 blogger-facebook:

  1. सुंदर अभिव्यक्ति बेहतरीन रचना,.....
    नया साल सुखद एवं मंगलमय हो,....

    मेरी नई पोस्ट --"नये साल की खुशी मनाएं"--

    उत्तर देंहटाएं
  2. बेनामी6:36 pm

    WISH YOU A VERY 'HAPPY NEW YEAR 2012' Ati sunder varnan nav varh key aagman per.......Kalpana Sarkar VARANASI.

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत बढ़िया प्रस्तुति..
    आपको सपरिवार नववर्ष २०१२ की हार्दिक शुभकामनायें..

    उत्तर देंहटाएं
  4. "हँसते गाते आओ हम सब

    मिल कर कदम बढायें,

    न्‍याय शांति औ ' समता का

    जग में नित दीप जलायें।"
    Nav Warsh ki hardik subkamnaye.

    उत्तर देंहटाएं
  5. रचनाकार के समस्त पाठकों को नये साल की शुभकामनाएँ.

    उत्तर देंहटाएं

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