मंगलवार, 17 जनवरी 2012

कैस जौनपुरी के नगमें : है दिल की तमन्ना कि ख्वाबों में आओ


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है दिल की तमन्ना कि ख्वाबों में आओ
मेरे दिल की थोड़ी तो हसरत मिटाओ

जहाँ भी मैं जाऊं रहूँ मैं कहीं भी
है चाहत ये मेरी कि राहों में आओ

हुए दिन बहुत इक झलक को तुम्हारे
मैं चाहूँ तुम्हें अब निगाहों में आओ

है चेहरा तुम्हारा कि खिलता कमल
यूँ ही खिलते हुए मेरी बाहों में आओ

छुपा लो मुझे अपने दामन में तुम
छुपा लो मुझे और मुझमें समाओ

कहते सभी हैं जलवा तुम्हें
है जलवा ये क्या मुझे भी दिखाओ

आती सदा तुम हो जाने की खातिर
अब ‘कैस’ ये चाहे कभी तुम न जाओ

है दिल की तमन्ना कि ख्वाबों में आओ
मेरे दिल की थोड़ी तो हसरत मिटाओ


कैस जौनपुरी
qaisjaunpuri@gmail.com
www.qaisjaunpuri.com

2 blogger-facebook:

  1. बहुत खूब...
    अच्छी रचना सांझा करने के लिए आपका शुक्रिया.

    उत्तर देंहटाएं

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