मंगलवार, 31 जनवरी 2012

कैस जौनपुरी के नगमें

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तुम अहसास हो

तुम अहसास हो
मैं जज्बात हूँ
तब तक न मिलें
जिन्दगी अधूरी है....
यही है रिश्ता
हमारा तुम्हारा

बिन एक दूजे के
तू भी कुछ नहीं
मैं भी खाक हूँ
तुम अहसास हो
मैं जज्बात हूँ....
मिल जाएँ अगर
तो कुछ बात हो...
तुम अहसास हो
मैं जज्बात हूँ....

बिन तुम्हारे
मैं हूँ क्या
इक बिगड़ी हुई
हालात हूँ...
तुम अहसास हो
मैं जज्बात हूँ...

कैस जौनपुरी
qaisjaunpuri@gmail.com
www.qaisjaunpuri.com

3 blogger-facebook:

  1. बिन एक दूजे के
    तू भी कुछ नहीं
    मैं भी खाक हूँ
    तुम अहसास हो
    मैं जज्बात हूँ....
    मिल जाएँ अगर
    तो कुछ बात हो...
    तुम अहसास हो
    मैं जज्बात हूँ....

    बहुत खूब !जोरदार ! जय हो !

    उत्तर देंहटाएं
  2. वाह..
    बेहतरीन रचना सांझा की आपने..
    शुक्रिया.

    उत्तर देंहटाएं

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