गुरुवार, 12 जनवरी 2012

प्रभुदयाल श्रीवास्तव का व्यंग्य - एक्सचेंज आफर लाईये पुरानी बीवी और ले जाईये चमचमाती हुई न्यू ब्रांड बीवी

हास्य व्यंग्य‌

एक्सचेंज आफर लाईये पुरानी बीवी और ले जाईये चमचमाती हुई न्यू ब्रांड बीवी

पुरानी लाइये नई ले जाइये

जैसे ही हिंदुस्तान वैश्वीकरण की चपेट में आया

मेरा माथा घोड़े सा बिदका फिर जोरों से भन्नाया

अखबारों में एक से एक धांसू विज्ञापन आने लगे

पुराना माल लाईये बदले में बिल्कुल नया दे देंगे

इसी तरह के गंधर्व‌ राग में दुकानदार चिल्लाने लगे

 

पुराने स्कूटर के बदले नये स्कूटर देने की बात होती थी

खटारा टेलीविज़न लाइये बिल्कुल नया दे देंगे

दुकानदार यही कहता था जब भी मुलाकात होती थी

मैं और मेरी पत्नी आंखें फाड़ फाड़कर विज्ञापन पढ़ते

पहले कौनसी वस्तु बदली जाये इसी बात पर लड़ते झगड़ते

 

खैर धीरे धीरे सामान बदलने लगा

पुराने मरियल स्कूटर के बदले नये बजाज सुपर पर‌

मैं बीवी को लादकर सड़कों पर निकलने लगा

घर का सारा सामान बदल डालेंगे ऐसा मेरा

और श्रीमतीजी का संकल्प हो गया

इसी चक्कर में टी वी फ्रिज़ और कूलर‌ का

काया कल्प हो गया

 

अब घर का सारा सामान बिल्कुल नया था

टी वी फ्रिज़ वाशिंग मशीन‌

बहुत सुंदर लगने लगा था घर का सारा सीन‌

मौसम बड़ा खुशगवार होता था

परंतु मेरा मन जार जार रोता था

मैं सोच‌ता था इस‌ सामान‌ के साथ‌ काश‌ बीवी भी न‌ई होती

तो मेरी जिंद‌गी बिल्कुल‌ ही ब‌द‌ल‌ ग‌ई होती

 

और‌ मंजिल‌ की त‌लाश‌ में मैं आंखें फाड़‌ फाड़‌क‌र‌ विज्ञाप‌न‌ प‌ढ़‌ने ल‌गा

दिमाग‌ में बीवी को ज‌ल्दी से ज‌ल्दी ब‌द‌ल‌ने का भूत‌ च‌ढ़‌ने ल‌गा

वैसे श्रीम‌तीजी भी खिची खिचीं सी र‌ह‌ने ल‌गीं थी

मुझे देख‌ते ही बिग‌ड़ी घोड़ी सी बिद‌क‌ने ल‌गी थीं

और‌ एक‌ दिन‌ विज्ञाप‌न‌ आया पुरानी ख‌टारा बीवी लाइये

और‌ च‌म‌च‌माती हुई ब्रांड‌ न्यू बीवी घ‌र‌ ले जाइये

मेरा म‌न‌ ब‌ल्लियों उछ‌ल‌ने ल‌गा

 

ठंड‌क‌ का शीशा विज्ञाप‌न‌ देख‌ते ही पिघ‌ल‌ने ल‌गा

ब‌र‌सों की साध‌ पूरी होने वाली थी

पुरानी के ब‌द‌ले न‌ई बीवी शीघ्र ही मिल‌ने वाली थी

मैंने अप‌नी मीठी बातों से श्रीम‌तीजी को दुकान‌ च‌ल‌ने के लिये प‌टा लिया

आश्च‌र्य‌ उन्होंने भी बिना झिझक के साथ‌ च‌ल‌ने का म‌न‌ ब‌ना लिया

दुकान‌दार‌ ह‌में देख‌क‌र‌ प्रसन्न‌ हो ग‌या मैं न‌ई बीवी के ह‌सीन‌ स‌प‌नों में खो ग‌या

 

मैंने दुकान‌दार‌ को अपनी योज‌ना ब‌ताई पुरानी के ब‌द‌ले न‌ई बीवी देने की बात‌ च‌लाई

दुकान‌दार‌ कुछ‌ क‌ह‌ पाता इस‌से प‌ह‌ले ही श्रीम‌तीजी उस‌के कानों में कुछ‌ फुस‌फुसाईं

उस‌के चेह‌रे प‌र‌ एक‌ रंग‌ आया एक‌ ग‌या फिर‌ उस‌की बांछें खिल‌ आईं

व‌ह‌ हंस‌क‌र‌ बोला तो य‌ह‌ हैं आप‌के ख‌टारा प‌ति

जिन्हें आप बदलना चाहती हैं

और जिंदगी के बाकी दिन खुशियों से चहकना चाहती हैं

 

श्रीमतीजी के हाथों से विज्ञापन एक तुकड़ा

नीचे गिर गया था जिसमें लिखा था

पुराना खटारा पति लाइये

और बिल्कुल तरोताजा चमचमाता हुआ पति ले जाइये

अब हमारे घर में न्यू ब्रांड पत्नी पति रह रहे हैं

और हम दुकानदार की माल गोदाम में सड़ रहे हैं |

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  1. उत्तर
    1. यह थ्रेडेड कमेंट सिस्टम को जाँचने के लिए है.

      हटाएं
  2. बेनामी7:40 pm

    हास्य-व्यंग्य की रचना पढ्कर जितना हंस सकता था,हंसते रहा. वाह भाई श्रीवास्तवजी क्या खूब लिखा है आपने, हो सके तो भाभीजी को जरुर पढवाना. अच्छी हास्य की कविता पर बधाइयां. गोवर्धन यादव.

    उत्तर देंहटाएं

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