रविवार, 15 जनवरी 2012

सत्यवान वर्मा सौरभ की कविताएँ

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करे फूल से प्यार !

जो महके है फूल-सा, करे फूल से प्यार !

पल-पल बढ़ता ही चले, आगे सभी प्रकार!!

यदि धरती ना बांटती, फूलों का उपहार !

तब प्रेमी कैसे भला, कर पाते इज़हार !!

रखता मन में जो सदा, फूलों-सी मुस्कान !

उसके सारे काम तब , हो जाते आसान !!

 

देख बुरे हालात !

आज़ादी के बाद भी, देश रहा कंगाल !

जेबें अपनी भर गए, नेता और दलाल !!

क़र्ज़ गरीबों का घटा, कहे भला सरकार!

विधना के खाते रही, बाकी वही उधार!!

हर क्षेत्र में हम बढे, साधन है भरपूर !

फिर क्यों फंदे झूलते, बेचारे मजदूर !!

लोकतंत्र अब रो रहा, देख बुरे हालात !

संसद में चलने लगे, थप्पड़-घूंसे लात !!

देश बाँटने में लगी, नेताओं की फौज !

खाकर पैसा देश का, करते सारे मौज !!

फूंकेगी क्या-क्या भला, ये आतंकी आग !

लाखों बेघर हो गए, लाखों मिटे सुहाग !!

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डॉ सत्यवान वर्मा सौरभ

मेरे बारे में

लिंग पुरुष

राशि चिह्न वृश्चिक

व्यवसाय पशु -चिकित्सा / मोबाइल - 09466526148

स्थान बडवा / सिवानी मण्डी, भिवानी / हरियाणा, भारत

परिचय कविता मेरे जीवन का गीत है , जब तक जीवित हूँ इसे गाता रहूँ

......................!

रुचि जब भी खाली समय मिलता है, बस कवितायेँ ही साथ होती है ! लिखना और

पढना ही अब तो रूचि बन गया !

पसंदीदा मूवी्स कुछ - कुछ होता है और तिरंगा !

पसंदीदा संगीत पुराने हिंदी गीत !

पसंदीदा पुस्तकें अग्नि डॉ कलाम

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(चित्र - अमरेन्द्र aryanartist@gmail.com   फतुहा पटना की कलाकृति)

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