नारायणसिंह कोरी के भजन

 शिरडी साईं बाबा

शिरडी साईं बाबा

सांई नाम जप लेना

कष्‍टों को मिटाना हो, दुख दूर भगाना हो

तो साई नाम जप लेना-2 के साई नाम जप लेना-2

हॉ साई नाम जप लेना

1- संतों ने कहा है, महन्‍तों ने कहा है

साई की महिम तो सब से जुदा है

तुम्‍हें शिरडी जाना हो साई दर्शन पाना हो

तो साई नाम जप लेना

2- बाबा का भंण्‍डारा जो कोई भी करवाये

सुख सम्‍पत्‍ति उसके घर में आ जाये

फरियाद लगाना हों बुझे दीप जलाना हो

तो साई नाम जप लेना

3- बाबा का दर से कोई खाली नहीं जाता।

रोता हुआ आता है, और हंसता हुआ जाता॥

तुझे बिगड़ी बनाना हो, किस्‍मत चमकाना हो।

तो साई नाम जप लेना

 

 

2

मैंने ओड़ लिया है चोला

मैंने ओढ़ लिया है, चोला देखो साईं नाम का ।

ये दुनिया है जंजाल, न तेरे मेरे काम का॥

मैंने ओढ़ लिया है, चोला देखो साईं नाम का।

1. बाबा के दीवानों पर कष्‍ट कभी न आता है।

ये इक ऐसा दर है यहां से खाली कोई न जाता है॥

हो मैंने आज ही खाता खोला देखो साईं नाम का ।

2. शिरड़ी में साईं तूने सबको कैसा करिश्‍मा दिखाया है।

राम, रहीम, शिव, मानक, यीशु तुझ में सबकी छाया है॥

हो मेरा मन है अब तो डोला, देखो साईं नाम का ॥

3. साई शरण में आके प्राणी, काहे को घबराता है।

साईं तो है सबका बाबा, तेरा भी उनसे नाता है।

हो मैंने मन में अमृत घोला, देखो साईं नाम का ॥

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रचियता

नारायणसिंह कोरी

सुरईघाट कॉलोनी

ललितपुर (उ0प्र0)

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