देवेन्द्र पाठक 'महरूम' के नवगीत व ग़ज़ल

आकाश फटा है/
बबुए छेदोँ पर मत थिगड़ियाँ लगा,
सारा का सारा आकाश फटा है.

तलवारेँ काग़ज़ी बेमतलब भाँज नहीँ
मत दौड़ा स्याही के घोड़े नीले-लाल ;

ज़ेहन की उर्वरा भूमि हुई बाँझ नही
बदल रही हैँ तेवर गैँतियाँ-कुदाल ;

नौसिखुए नाविक ! है सदी-नदी विध्वंसक
पुश्तैनी घाट तेरा बहुत कटा -छँटा है.

रोटी,छत-छप्पर की अंतहीन यात्राएँ
पैरोँ की अनबदली नियति बन गईँ ;

आयातित सपनोँ कीभरमीली छलनाएँ
कुनबे की प्रामाणिक प्रगति बन गईँ.

साँप जो सँपेरे थे छोड़ गए वही आज
जन-अगुआ बनकर सिँहासन पर डटा है.

-


जहाँ न अपना आबो- दाना.
वहाँ न अपना ठौर-ठिकाना.

सुख से दूर की रिश्तेदारी ;
दुख से है गहरा याराना.

मर गया जिनकी आँख का पानी ;
उनके लिए मत अश्क बहाना.

आखिरी ख़त मेँ उसने लिखा था ;
याद न करना,याद न आना.

गूँगे-बहरोँ की महफ़िल मेँ ;
किससे सुनना,किसे सुनाना.

माज़ी की गलियोँ मेँ अक्सर;
छुप-छुपकर होता है जाना.

जो तुमने 'महरूम' दिए वो ;
ज़ख़्मे-दिल क्या तुम्हेँ दिखाना.

--.
ग़ज़ल/
नादां नहीँ जो कलम को औज़ार कहे है .
औज़ार भी ऐसा कि पुरअसरार कहे है .

कल देखना वो देगा मिला खाक़ मेँ तुझको ;
जो आज तेरा ख़ुद को खाक़सार कहे है .

वो दौर-ए-गर्दिश मेँ तेरे साथ न होँगे ;
तू आज जिन्हेँ अपना तरफदार कहे है .

ज़ोशो-ज़ुनूं-ए-ख़ून है , ज़ज़्बा है,भरम है ;
है भूख ज़िस्म की तू प्यार कहे है .

'महरूम' ज़िंदगी ने दिए हैँ उसे ग़म ही ;
फिर वो ज़िन्दगी को ख़ुशगवार कहे है .

--.

देवेन्द्र कुमार पाठक (तख़ल्लुस 'महरूम')
जन्म -02.03.1955;ग्राम-भुड़सा, ( बड़वारा )जिला-कटनी, म. प्र.में;
शिक्षा-M.A.B.T.C.( हिंदी/अध्यापन)प्रकाशित पुस्तकेँ-'विधर्मी', 'अदना सा आदमी' (उपन्यास) 'मुहिम', 'मरी खाल:आखिरी ताल','चनसुरिया का सुख','धरम धरे को दण्ड' (कहानी संग्रह )'दिल का मामला है'( व्यंग्य संग्रह ) 'दुनिया नहीँ अँधेरी होगी' (गीत-नवगीत)
व्यवसाय-अध्यापन;
संपर्क- प्रेमनगर,खिरहनी.साइन्स कालेज डाकघर,कटनी 483501 म.प्र. ई मेल- devendra.mahroom@gmail.com

-----------

-----------

3 टिप्पणियाँ "देवेन्द्र पाठक 'महरूम' के नवगीत व ग़ज़ल"

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.