मिलन चौरसिया का भोजपुरी लोकगीत - वोटवा मागत नेता, लगता भीखारी

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वोटवा मागत नेता,
लगता भीखारी .
का करी' सै'या
इ त आइल बा दुआरी.

आजू के पहिले ए के
कबहू ना देखली'.
झूठ साच बोलता
इ हमहू निरेखली'.
लोग बाग कहेला कि,
हऊए इ मदारी.
का करी......!

एकरा से पहिले सैया
पांच जने आइले'.
दुइ अपने जाति के,
दुइ रूपया दे के गैइले'.
एक जने सार बड़का
भैया के हमारी.
का करी' सैया...,!

बाबूजी कहेले' कि
हम बाटी' कांग्रेसी.
देवरा कहे वोट
साइकिल पर भौजी.
अम्माजी कहे' कर
..हाथी के सवारी.
का कर ..

सुना सुना सुना
मोरी धनिया मोरी रनिया .
वोटवा के जान आपन
जैसे बा कन्या .
वोटवा त दिहा
खूब सोच विचारी.
का करी......!

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