शुक्रवार, 10 फ़रवरी 2012

कैस जौनपुरी के नगमें - उफ़ तेरे होंठों का प्यारा तिल

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उफ़ तेरे होंठों का प्यारा तिल

उफ़ तेरे होंठों का प्यारा तिल
पागल तुझपे है मेरा दिल
जब भी देखूं नजर वो आये
उसके सिवा कुछ समझ न आये
तू ही है मेरे इश्क के काबिल
पागल तुझपे है मेरा दिल
उफ़ तेरे होंठों का प्यारा तिल

आजा तू मेरी बाहों में
भर लूँ तुझे निगाहों में
जी भर के देखूं प्यार करूँ
तुझसे ये इकरार करूँ
तू ही है अब मेरी मंजिल
पागल तुझपे है मेरा दिल
उफ़ तेरे होंठों का प्यारा तिल


कैस जौनपुरी
qaisjaunpuri@gmail.com
www.qaisjaunpuri.com

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