रविवार, 18 मार्च 2012

मीनाक्षी भालेराव की कविताएँ

कुछ

कुछ सपने तुम को बुनने हैं,

कुछ किरणें उम्मीद की चुरानी है !

कुछ सुबह की लाली लेकर,

अपनी राहें रंगनी सजानी है !

कुछ वक्त से छीन लेने हैं लम्हे,

कुछ हवाओं से रफ्तार चुरानी है !

कुछ धरा से लेनी है ऊर्जा,

अपनी गति बढ़ानी है !

कुछ मौसम से झगड़ना है,

कुछ बसंत ऋतु से चुराने हैं !

कुछ प्रकृति से सीखना है,

अपना जीवन बदलना है !

कुछ शाम को ढलने से रोकना है,

कुछ तारों से चमक चुरानी है !

कुछ समय की गति रोककर

हाथो में वक्त को थामना है  !

तब-अब

जब मैं वक्त के साथ दौड़ती थी

जब नित नई सुनहरी आशा देखी

जो मैं लौटी,पुराने पथ पर

विस्मित हो पग चिन्ह देखे

जोश भरे वो पल-छिन देखे

आज पड़ी बंद सी सांसें

नित नए स्वप्न बुनते देखे

आज गांठ लगे धागे देखे

जित के हरदम पंचम लहराते देखे

आज हार से लथपथ रस्ते देखे

चंचल हिरनी सी दौड़ते देखा

आज पांवों पड़ी बेड़ियाँ देखी

मुस्काती आँखों में दीप कई जलते देखे

आज उदास आँखों में नीर भरे देखे

तब पलों पर कोई पहरा नहीं था

आज सारे पल कैद खाने देखे

जब मैं वक्त के साथ दौड़ती थी

नित नई सुनहरी आशा देखी  

--

दोनों ही समान है,

चाहे सोना हो या लोहा !

आग में तपते हैं, तब

एक नया आकर लेते हैं!

फिर भी सोने का भाव अधिक

और लोहा मिट्टी के भाव बिकता है

--

ना जाने कितनी ईटें दफन होती हैं !

तब जाकर छत की नींव पक्की बनती,

फिर भी महलों की सराहना होती हैं !

ईटों का बलिदान कहाँ कोई देखे , 

ना जाने कितनी रातें जगे होंगे !

तब जाकर स्वप्न बुने होंगे ,

स्वप्नों के साकार होने पर !

न जाने कितनों के दिल जले होंगे ,

न जाने कितने जख्म हुए होंगे !

पाँवों में तब जाकर मंजिल मिली होगी,

सफलता के आँकड़े लोगों ने गिने होंगे ! 

कितनी असफलता झेली नही देखी होगी,

मत देखो सुखों की लड़ी ,जो दिखती है

आराम और चेन से सजी जगमगाती सी

कितने दुःख पिरोए होंगे,तब ये लड़ी बनी होगी

--

5 blogger-facebook:

  1. ना जाने कितनी रातें जगे होंगे !
    तब जाकर स्वप्न बुने होंगे ,
    बहुत खुबसूरत रचनाएँ हैं

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. rajut ji bhut bhut dhnvad10:51 am

      dhnvad ji aap ko psnd aai hmara utsah dugna ho gya

      हटाएं
  2. उत्तर
    1. rajut ji bhut bhut dhnvad10:52 am

      mriduia ji aap ka bhut bhut dhnvad

      हटाएं
  3. अच्छी रचनाएं ..............................

    उत्तर देंहटाएं

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