रविवार, 4 मार्च 2012

एस. के. पाण्डेय की लघुकथा - निर्णय

निर्णय

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सभी लोग निराश होकर जा रहे थे। सबके मुँह पर एक ही बात थी कि रामधारी जी नहीं आये। सुना है उन्होंने निर्णय लिया है कि वे २०१२ में अपना जन्म दिन नहीं मनाएंगे।

इनके दोस्तों और परिजनों ने पूरी तैयारी कर लिया था। आज इनका पंद्रहवाँ जन्मदिन मनाया जाना था। चार वर्ष बाद यह अवसर हाँथ आया था। तिवारीजी रामधारीजी के घर वालों से पूछ रहे थे कि आखिर वे क्यों नहीं आये। जन्मदिन न मनाने का निर्णय उन्होंने क्यों लिया ? उनके बेटे ने कहा आप उनसे फोन पर बात कर लीजिए। हम सबको पूरी जानकारी नहीं है।

रामधारीजी ने तिवारी को बताया कि अगर जन्मदिन २०११ में पड़ा होता तो हमे मनाने में कोई आपत्ति नहीं होती। इस वर्ष प्रलय होनी है। ऐसी भविष्यवाणी की जा चुकी है। २०१२ नाम की एक फिल्म भी बन चुकी है, जिसमें सम्भावित प्रलय को ही विषय बनाया गया है। अतः हमने निर्णय लिया है कि २०१२ में जन्म दिन नहीं मनाएंगे।

तिवारीजी बोले कई बिचारकों ने कह रखा है कि २०१२ में प्रलय की भविष्यवाणी मात्र एक भ्रामक प्रचार है। अभी यानी २०१२ में प्रलय नहीं होगी। रामधारीजी बोले ऐसा हो तबतो अच्छा ही है। लेकिन हमारा यही निर्णय है कि २०१२ में हम अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे। और यदि बचे रहे तो २०१६ में दुगुने उत्साह से जन्मदिन मनाकर इस साल की कमी को भी पूरा कर देंगे।

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डॉ एस के पाण्डेय,

समशापुर (उ.प्र.)।

ब्लॉग: http://www.sriramprabhukripa.blogspot.com/

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